उत्तरकाशी में लापता अग्निवीर के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़, DNA जांच से हुई पहचान

Spread the love

त्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में 70 दिन पहले बादल फटने की भीषण घटना में लापता हुए कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा उपखंड के ग्राम भौनावास निवासी जवान भीम सिंह का शव आखिरकार बरामद हो गया। डीएनए जांच से शहीद की पहचान पुख्ता हुई। यह समाचार गांव में पहुंचते ही शोक की लहर दौड़ गई।

19 वर्षीय भीम सिंह पुत्र महेश सिंह भारतीय सेना की 14 राजपूताना राइफल्स में अग्निवीर के रूप में तैनात थे। उत्तरकाशी आपदा के दौरान वे अपने साथियों के साथ ड्यूटी पर थे, जब बादल फटने की घटना ने सब कुछ तहस-नहस कर दिया। सेना और प्रशासन के अथक प्रयासों के बाद 70 दिन बाद उनका शव बरामद हुआ और डीएनए से पहचान की पुष्टि के बाद गांव लाया गया।
शव के गांव पहुंचने पर पूरे भौनावास और आसपास के इलाके शोक और गौरव के भाव में डूब गए। प्रागपुरा पुलिस थाने से लेकर भौनावास गांव तक विशाल तिरंगा यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों ग्रामीण, सैनिक, छात्र और युवा शामिल हुए।

अंतिम संस्कार में जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेंद्र सिंह, उद्योग मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़, जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सेना के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। भारतीय सेना की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर जवान को सलामी दी और परिजनों को तिरंगा सौंपकर वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।

इस अवसर पर सांसद राव राजेंद्र सिंह पुष्पचक्र अर्पित करते समय अचानक बेहोश हो गए, जिसके बाद उन्हें तुरंत नजदीकी उप जिला अस्पताल पावटा ले जाया गया, जहां पीएमओ डॉ. रवि बंसल की देखरेख में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति स्थिर हुई।

और पढ़े  जेईई की तैयारी कर रही छात्रा ने कोटा फ्लाईओवर से कूदकर दी जान, जांच में जुटी पुलिस

विंग कमांडर ऋषि देव यादव (जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, बहरोड़) ने बताया कि जवान भीम सिंह का बलिदान युद्ध हताहत श्रेणी में माना गया है। ऐसे मामलों में भारतीय सेना द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार परिवार को सरकारी लाभ दिया जाएगा।

भौनावास का यह वीर सपूत देश सेवा करते हुए वीरगति को प्राप्त हुआ। गांव में हर आंख नम थी, लेकिन हर चेहरे पर गर्व झलक रहा था। लोगों ने कहा भीम सिंह जैसे वीर सपूत हमारे देश की असली ताकत हैं, जिन पर हर भारतीय को नाज है।


Spread the love
  • Related Posts

    सुप्रीम कोर्ट: गंभीर स्वास्थ्य स्थिति होने पर करेंगे विचार’, आसाराम को सुप्रीमकोर्ट से कोई राहत नहीं

    Spread the love

    Spread the loveनाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने राजस्थान…


    Spread the love

    मोबाइल नंबर शेयर करने का झंझट खत्म: इंस्टाग्राम की तरह WhatsApp पर भी आ रहा यूजरनेम फीचर, जानें इसके 5 फायदे

    Spread the love

    Spread the loveमैसेजिंग एप व्हाट्सएप जल्द ही अपने करोड़ों यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लाने की तैयारी में है। कंपनी टेलीग्राम और इंस्टाग्राम की तरह यूजरनेम फीचर पर काम…


    Spread the love