सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु बिजली बोर्ड को कड़ी फटकार लगाई है। दरअसल, तमिलनाडु बिजली बोर्ड उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली देने का वादा कर रहा है। वहीं एक मुकदमे पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी की है। इस दौरान कोर्ट ने कहा कि राज्यों में अपनाई गई मुफ्त उपहारों की संस्कृति आर्थिक विकास में बाधा डालती है।
अधिकांश राज्य झेल रहे राजस्व घाटा- सुप्रीम कोर्ट
शीर्ष अदालत ने इस दौरान कहा कि अधिकांश राज्य राजस्व घाटा झेल रहे हैं, इसके बावजूद विकास की अनदेखी करते हुए मुफ्त सुविधाएं दी जा रही हैं। इस तरह के मुफ्त वितरण से देश के आर्थिक विकास में बाधा आएगी। राज्यों को सभी को मुफ्त भोजन, साइकिल और बिजली देने के बजाय रोजगार के अवसर सृजन पर ध्यान देना चाहिए।








