सरकार ने 30 सितंबर तक कच्चे कपास के शुल्क मुक्त आयात की अनुमति दे दी है। सरकार ने कपड़ा क्षेत्र के लिए प्रमुख कच्चे माल कपास की बाजार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। कपास पर अब तक 11 प्रतिशत आयात शुल्क के साथ-साथ कृषि अवसंरचना एवं विकास उपकर भी लगता था।
वित्त मंत्रालय की 18 अगस्त की अधिसूचना के अनुसार, शुल्क छूट 19 अगस्त से प्रभावी होगी और 30 सितंबर तक लागू रहेगी।
आयात शुल्क समाप्त होने से कपड़ा क्षेत्र के लिए वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी दरों पर कच्चे माल की उपलब्धता सुनिश्चित होने की उम्मीद है। घरेलू स्तर पर, इस क्षेत्र को जीएसटी व्यवस्था के तहत शुल्क व्युत्क्रमण का भी सामना करना पड़ रहा है।
भारत की ओर से कपास आयात शुल्क में राहत ऐसे समय में दी गई है, जब कपड़ा क्षेत्र सहित भारतीय निर्यातकों को अमेरिका में 50 प्रतिशत की भारी शुल्क दर का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी टैरिफ में मौजूदा 25 प्रतिशत शुल्क तथा अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क शामिल है, जो 27 अगस्त से प्रभावी होगा। यह शुल्क भारत की ओर से रूसी तेल की खरीद पर दंड के रूप में लगाया गया है।







