विवाद: 8,500 रुपये तक का Apple दे रहा है मुआवजा, कैसे करें दावा

Spread the love

 

 

 

Apple को अपनी वॉइस असिस्टेंट सेवा Siri को लेकर अमेरिका में दर्ज एक मुकदमे में समझौता करना पड़ा है। कंपनी पर आरोप था कि Siri बिना अनुमति के यूजर्स की निजी बातचीत रिकॉर्ड करती थी। इस मामले में Apple अब करीब 790 करोड़ ($95 मिलियन) का सेटलमेंट करने को राजी हो गया है। योग्य यूजर्स को 8,500 रुपये ($100) तक मुआवजा मिल सकता है।

 

क्या है पूरा मामला?

यह केस 2019 में दर्ज किया गया था। आरोप था कि Siri कई बार बिना कमांड के खुद-ब-खुद एक्टिव हो जाती थी और यूजर्स की निजी बातचीत रिकॉर्ड कर लेती थी। इनमें कुछ रिकॉर्डिंग्स में स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी और निजी चर्चाएं भी शामिल थीं, जिन्हें कथित तौर पर बाहरी कॉन्ट्रैक्टर्स को भेजा गया था।
Apple ने इन आरोपों से इनकार किया है, लेकिन बिना मुकदमा लड़े समझौता करने का फैसला किया है। कंपनी का दावा है कि Siri हमेशा से यूजर्स की प्राइवेसी का ध्यान रखती है और उसने कभी भी रिकॉर्डिंग्स को बेचने या मार्केटिंग के लिए इस्तेमाल नहीं किया।

कितना मिलेगा मुआवजा?

  • अधिकतम $100 (करीब ₹8,500) प्रति यूजर
  • हर योग्य डिवाइस पर $20 तक का भुगतान
  • आप अधिकतम 5 डिवाइसेज के लिए क्लेम कर सकते हैं

कौन कर सकता है दावा?

जिन्होंने 17 सितंबर 2014 से 31 दिसंबर 2024 के बीच Apple डिवाइस पर Siri का इस्तेमाल किया हो। जिनके साथ अनचाही Siri एक्टिवेशन और निजी बातचीत रिकॉर्ड होने की घटना हुई हो। यदि आपके पास iPhone, iPad, MacBook, Apple Watch, HomePod, iPod Touch और Apple TV है तो मुआवजे के लिए दावा कर सकते हैं। मुआवजे के लिए आपको सेटलमेंट पोर्टल https://lopezvoiceassistantsettlement.com/submit-claim पर जाना होगा और जरूरी जानकारी देनी होगी।

Spread the love
और पढ़े  ट्रंप ने ईरान को दी चेतावनी- कहा- फिर पीछे जाने का मौका नहीं
  • Related Posts

    नेपाल के पूर्व PM केपी शर्मा ओली गिरफ्तार,जेन-जी आंदोलन को लेकर लगे आरोप

    Spread the love

    Spread the loveनेपाल की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पिछले साल हुए घातक जेन-जी विरोध प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में गिरफ्तार…


    Spread the love

    मोबाइल फोन से चिपके रहने की लत हर साल 20 हजार बच्चों की जान ले रही, सरकार से कानून बनाने की मांग

    Spread the love

    Spread the love   हर समय टीवी या मोबाइल की स्क्रीन से चिपके रहने की लत बच्चों और किशोरों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। हर साल कम से…


    Spread the love