बदरीनाथ के विधायक लखपत बुटोला ने बदरीनाथ मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के विरोध में मंगलवार को मंदिर परिसर में अपने समर्थकों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ उपवास शुरू कर दिया। कांग्रेस ने इस आंदोलन का ऐलान सोमवार को किया था।
पहली बार हुई गड़बड़ी या पहले से चल रहा था खेल?, 40 दिन की CCTV फुटेज से होगा खुलासा
बदरीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे की रकम में कथित हेराफेरी के मामले की जांच अब 40 दिन की सीसीटीवी फुटेज तक पहुंच गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दो जुलाई को सामने आई घटना पहली बार हुई थी या इससे पहले भी चढ़ावे की गणना के दौरान इसी तरह की गड़बड़ी की जाती रही है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि आरोपी कर्मचारी अकेले इस मामले में शामिल था या किसी अन्य व्यक्ति ने भी उसका सहयोग किया।
दान की प्रत्येक वस्तु का रखा जाता है पूरा रिकॉर्ड
मंदिर में प्राप्त दान की गणना एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है। सबसे पहले सोना और चांदी अलग किए जाते हैं, इसके बाद नकदी की गणना होती है। यदि सोना-चांदी की मात्रा अधिक होती है तो उसकी जांच के लिए सोनार को बुलाया जाता है। नकदी को खजांची की मौजूदगी में बैंक कर्मियों को सौंपा जाता है और उसकी रसीद ली जाती है। सोना-चांदी को अलग पोटलियों में सुरक्षित रखा जाता है। प्रत्येक पोटली पर तारीख और उसके भीतर रखी सामग्री का पूरा विवरण दर्ज किया जाता है, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित बना रहे।
सीसीटीवी फुटेज पर टिकी है पूरी जांच
मामले की जांच का सबसे महत्वपूर्ण आधार सीसीटीवी फुटेज को माना जा रहा है। बदरीनाथ मंदिर परिसर में एक जुलाई से हाई-रेजोल्यूशन कैमरे लगाए जाने शुरू हुए थे और अगले ही दिन कथित हेराफेरी का मामला सामने आ गया। मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दिया है। जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सके कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं। मंदिर परिसर में कुल 32 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बताया जा रहा है कि एक कैमरे की फुटेज में आरोपी कर्मचारी मोबाइल फोन के साथ कुछ संदिग्ध वस्तु लेते हुए दिखाई दिया है। जांच टीम पुराने और नए दोनों प्रकार के कैमरों की रिकॉर्डिंग की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना की वास्तविकता सामने आने के साथ यह भी स्पष्ट हो सके कि कहीं इस तरह की गतिविधियां पहले से तो नहीं चल रही थीं।







