साजिश का पर्दाफाश, जम्मू में पाकिस्तान से जुड़ा ड्रग रैकेट ध्वस्त, बरामद हुई 30 करोड़ की हेरोइन

पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग रैकेट का पर्दाफाश किया है। छह लोगों को गिरफ्तार कर लगभग पांच किलो हेरोइन बरामद की गई है। हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 30 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह रैकेट लंबे समय से बॉर्डर एरिया से नशा तस्करी कर रहा था।

पुलिस के मुताबिक यह सिर्फ तस्करी नहीं बल्कि सीधे देश के खिलाफ चल रही नार्को-टेरर की साजिश थी। गिरोह के ज्यादातर सदस्य अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक रहने वाले हैं। इनसे तीन पिस्तौल भी बरामद हुई है। इससे पहले नवंबर में 3.26 किलो हेरोइन के साथ गिरोह के दो तस्करों को गिरफ्तार किया था।

 

वीरवार को एसपी (दक्षिण) जम्मू अजय शर्मा ने प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि पूरा नेटवर्क पाकिस्तान में रहते तस्करों से जुड़ा हुआ था। अदालत ने चार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने 4.95 किलोग्राम हेरोइन व तीन पिस्तौल जब्त की है। जांच में पाया गया कि आरोपी पाकिस्तान के हैंडलरों से संपर्क में थे और सीमा पार से नशीले पदार्थों की सप्लाई की जा रही थी। यह मामला स्पष्ट रूप से नार्को-टेररिज्म से जुड़ा है। मामले में यूएपीए की धाराएं भी लागू की गई हैं।

एक-एक कर खुलती गईं कड़ियां
नवंबर में गांधीनगर पुलिस ने जोड़ियां के करन शर्मा और उधमपुर के निखिलेश वर्मा को 3.26 किलो हेरोइन के साथ शास्त्री नगर श्मशान घाट के पास से पकड़ा था। दोनों तस्करों से पूछताछ के बाद नरवाल से मोहम्मद यूसुफ को पकड़ा। उसके घर से हेरोइन मिली। इसके बाद राजोरी के गुलशन कुमार और नौशेरा के जसविंदर कुमार को गिरफ्तार किया। जांच में पाया कि गुलशन ने अपनी गाड़ी में विशेष रूप से गुप्त खांचे बनाए थे, जिसका उपयोग नशा तस्करी में किया जाता था।

जसविंदर पहले से ही एक अन्य मामले में जेल में है। पुलिस उसकी हिरासत बदल रही है ताकि पूछताछ की जा सके। इसी तरह निक्की तवी के शमदीन को पकड़ा। उसके घर से पिस्तौल, कारतूस और 619 ग्राम हेरोइन मिली। वहीं आरएस पुरा के मरालिया निवासी अब्दुल हमीद की तलाश की जा रही है। उसके घर से दो पिस्तौल मिले, जिनमें एक ऑटोमेटिक थी। गोला-बारूद भी बरामद किया गया।

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