पुलिस के मुताबिक, पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में 30 लोगों की पहचान की गई है। उन्होंने CCTV फुटेज और वायरल वीडियो की मदद से उनकी पहचान की है। पुलिस टीमें उन्हें हिरासत में लेने के लिए छापेमारी कर रही हैं।
संबंधित घटनाक्रम में दिल्ली पुलिस समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी को जांच में शामिल होने के लिए समन भेजेगी। हिंसा से पहले मोहिबुल्लाह नदवी मौके पर मौजूद थे। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के बार-बार अनुरोध के बावजूद, वह उसी इलाके में रहे।
यह घटना दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद रामलीला मैदान के पास फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास एमसीडी की ओर से चलाए गए अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हुई। दिल्ली पुलिस के अनुसार, सात जनवरी को तड़के अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई, इससे पहले अमन कमेटी के सदस्यों और अन्य स्थानीय हितधारकों के साथ शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कई समन्वय बैठकें की गईं।
इस बीच, पत्थरबाजी की घटना के आरोपियों को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, आरोपियों के वकीलों ने यह जानकारी दी। जमानत याचिकाएं दायर की गईं और गुरुवार को सुनवाई तय की गई।
आरोपी काशिफ, मोहम्मद कैफ और मोहम्मद अरीब का प्रतिनिधित्व कर रहे दिल्ली के वकील एम असद बेग ने कहा कि कोर्ट ने बचाव पक्ष को एफआईआर की कॉपी देने के बाद एक दिन की न्यायिक हिरासत दी है। वकील बेग ने कहा, “जज के आदेश के बाद हमें एफआईआर की कॉपी दी गई।
इसके बाद हमने जमानत याचिका दायर की है। जज ने एक दिन की न्यायिक हिरासत दी है। जमानत याचिका पर शुक्रवार को तीस हजारी कोर्ट में सुनवाई होगी।
आरोपी समीर का प्रतिनिधित्व कर रहे दिल्ली के वकील मोहम्मद आकिफ ने भी इसी तरह की बात कही और कहा कि कोर्ट ने एक दिन की न्यायिक हिरासत की अनुमति दी है। उन्होंने कहा, “जज ने एक दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी दी है। हमें अभी एफआईआर की कॉपी मिली है। हम देखेंगे कि आगे क्या करना है।
दिल्ली पुलिस ने सात जनवरी की तड़के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (MCD) की तरफ से चलाए गए अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान हुई पत्थरबाजी की घटना में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान काशिफ, मोहम्मद कैफ, मोहम्मद अरीब, अदनान और समीर के रूप में हुई है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, शांति बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अमन कमेटी के सदस्यों और अन्य स्थानीय लोगों के साथ कई कोऑर्डिनेशन मीटिंग के बाद 7 जनवरी को तड़के अतिक्रमण हटाया गया था। अब मलबा हटाने का काम जारी है।
पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 5000 से अधिक जवान तैनात
तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार देर रात हुए एक्शन के बाद पूरे एरिया में भारी पुलिस का तैनात कर दिया गया है। पुलिस पूरे हालात पर नजर रखे हुए है। फिलहाल एहतियात के तौर पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 5000 जवानों को तुर्कमान गेट और उसके आसपास तैनात किया गया है। पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है। 24 घंटे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। लगातार एरिया के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।
सुरक्षा बलों के घेरे में पूरा क्षेत्र, चप्पे-चप्पे पर नजर
रामलीला मैदान के पास दरगाह फैज-ए-इलाही पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान पूरा तुर्कमान गेट इलाका छावनी में तब्दील रहा। मंगलवार देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने सुरक्षा बलों के साथ मिलकर पूरे एरिया की घेराबंदी कर दी। चप्पे-चप्पे पर नजर रही। एरिया में कर्फ्यू जैसे हालात बन गए। बुधवार सुबह ज्यादातर लोग घरों में कैद रहे। नगर निगम की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
बीएनएस की इन धाराओं में मामला दर्ज
बुधवार सुबह पुलिस ने बीएनएस की धारा 221/132/121/191(2)/191(3),223(A)/3(5) और 3 पीडीपीपी एक्ट-1984 (सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी पर हमला, गंभीर चोट पहुंचाने, बलवा, हथियार लेकर बलवा करने, सरकारी आदेश का उल्लंघन, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने) की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।
रामपुर के सपा सांसद नदवी पर लगे भड़काने के आरोप
यूपी के रामपुर के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर भीड़ को भड़काने के आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। वहीं, आरोपों को गलत बताते हुए नदवी ने कहा कि वह लोगों से अमन और शांति की अपील करने गए थे। नदवी ने कहा, कार्रवाई से पहले मस्जिद कमेटी को समय दिया जाना चाहिए था।
मस्जिद के पास अवैध कब्जा ध्वस्त पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में एक मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अमले और पुलिसकर्मियों पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने पांच उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 25 अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बुधवार सुबह चांदनी महल थाने में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तनाव के मद्देनजर इलाके में अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में काशिफ, मो. कैफ, मो. अरीब, अदनान व समीर शामिल हैं।
सीसीटीवी कैमरों से अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में भीड़ जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। जोन के उपायुक्त विवेक अग्रवाल ने बताया, हाईकोर्ट के आदेश पर पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में मंगलवार देर रात अभियान चलाकर फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास करीब 36 हजार वर्गफीट जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई।
इस दौरान एमसीडी की भूमि पर बने अवैध बैंक्वेट हॉल, एक डिस्पेंसरी व सामुदायिक भवन को ध्वस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने इसे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण घोषित किया था।
‘इसे राजनीतिक रंग न दें, और अफवाहें फैलाने से बचें’
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि “ये संवेदनशील मामले हैं… मैं जनता से अपील करूंगा कि पुलिस को अपनी जांच करने दें। मैं फिर से कहना चाहता हूं कि फैज़-ए-इलाही मस्जिद पूरी तरह सुरक्षित है। वह पूरे सम्मान के साथ वहीं खड़ी है। इसमें दिल्ली सरकार की कोई भूमिका नहीं है; यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर लैंड माफिया को हटाने के लिए की गई थी… इसे राजनीतिक रंग न दें, और अफवाहें फैलाने से बचें।