चमोली: प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती को डंडी के सहारे पहुंचाया अस्पताल, साढ़े चार घंटे हेली का करते रहे इंतजार

स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मेजर देव सिंह दानू व पूर्व विधायक शेर सिंह दानू के गांव आज भी सड़क से नहीं पहुंची। पूर्व मुख्यमंत्री हरिश रावत व त्रिवेंद्र सिंह रावत की घोषणा के बाद भी पिनाऊं गांव में सड़क नहीं पहुंच पाई। सड़क न होने का खामियाजा लागों को भुगतना पड़ रहा है। इस गांव के लिए पूर्व विधायक स्व शेरसिंह दानू के नाम पर 2015 में 23 किमी धुराधारकोट- वांक- पिनाऊं सड़क स्वीकृति हुई थी। लेकिन स्ववीकृति के 11 साल बाद भी सड़क नहीं बनी।

बुधवार को पिनाऊं गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री खिमुली देवी को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर ग्रामीणों ने डंडी से छह किमी पैदल चलकर बलाण गांव के कालीताल पहुंचाया। पिनाऊं से बलाण गांव आने का पैदल मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग बनाकर गर्भवती को पाटिंगधार लाए।

ग्राम प्रधान लखपत दानू ने बताया कि बुधवार की सुबह 11 बजे गर्भवती को छह किमी डंडी से पाटिंगधार लाए। यहां पर शाम साढ़े पाचं बजे तक हैली का इंतजार किया गया। हैली के नहीं पहुंचने पर शाम छह बजे कालीताल सड़क मार्ग में पहुंचे। रात्रि को साढ़े नौ बजे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल पहुंचे, लेकिन देवाल में डॉक्टर नहीं होने पर एंंबुलेंस से जिला अस्पताल बागेश्वर ले गए।

आए दिन डंडी से अस्पताल ले जाने की मजबूरी

पिनाऊं गांव के आशा बिमला देवी, लखपत सिंह, हिम्मत सिंह, लक्ष्मण सिंह, हरूली देवी, कस्तूरा देवी, नंदी देवी, सुरेंद्र सिंह, मोतिमा देवी आदि ने गर्भवती को छह किमी डंडी से खतरनाक रास्ते से सड़क मार्ग पहुंचाया। ग्राम प्रधान लखपत दानू ने बताया कि दो- दो मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी यह सड़क नहीं बनी। उन्होंने कहा कि सड़क नहीं होने से ग्रामीण बीमार व गर्भवती को आए दिन डंडी से अस्पताल ले जाने को मजबूर हैं।

और पढ़े  रामपुर तिराहा गोलीकांड: सीएम धामी बोले-जिन शहीदों की प्रतिमाएं नहीं लगीं उनके गांव या निवास क्षेत्र में लगेंगी

 

पिनाऊं गांव के लिए जो सड़क स्वीकृत हुई है। उसमें काफी संख्या में बाज व बुराश के पेड़ हैं। इसमें वन भूमि हस्तांतरण की कार्रवाई चल रही है। धुराधारकोट- वांक- पिनाऊं के नाम से सड़क स्वीकृत हुई है। लेकिन लोहाजंग से वांक गांव तक सड़क बन गई है। अगर ग्रामीणों की सहमति हुई तो वांक गांव से भी पिनाऊं के लिए सड़क जा सकती है। -मनीष डोगरा, ईई लेानिवि थराली।

  • Related Posts

    जाम से हाहाकार: नैनीताल की बिगाड़ी यातायात व्यवस्था, डायवर्ट रूट से ज्योलीकोट पहुंचे पर्यटकों ने दिया धरना

    तीन दिन की छुट्टी के चलते नैनीताल में उमड़ी पर्यटकों की भीड़ का असर ज्योलीकोट मार्ग पर भी देखने को मिला। रविवार को ज्योलीकोट में लंबा जाम लगने से पर्यटक…

    उत्तराखंड / चंपावत: युवाओं को सौगात, डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा, कुक्कुट पालकों को दो करोड़ की सब्सिडी, जानें..

    राज्य गठन के करीब 26 साल बाद पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में मंत्रिमंडल की बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। चुनावी वर्ष में सरकार ने…