चमोली: पहली बार मां नंंदा की जात को बड़ी जात का नाम, शुरू हुई बड़ी बहस, 12 साल में आयोजित करने की है मान्यता

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मां नंदा की जात को लेकर बहस शुरू हो गई है। नंदा की लोकजात प्रतिवर्ष आयोजित होती है, जबकि आदिकाल से चली आ रही जात (यात्रा) को राजजात के नाम से जाना जाता है। मगर इस वर्ष सिद्धपीठ कुरुड़ और नंदा राजजात समिति में एकराय न बनने के बाद इस बार नंदा की राजजात को बड़ी जात का नाम दे दिया गया है। बड़ी जात का नेतृत्व कुरुड़ मंदिर समिति कर रही है। इस जात में बधाण, दशोली, लाता, बंड क्षेत्र के हक-हकूकधारी शामिल हो रहे हैं।

मां नंदा की जात आदिकाल से होती आ रही है। हर बार मां नंदा की जात को 12 साल में आयोजित करने की मान्यता है, मगर आपदा के साथ ही विभिन्न कारणों से जात का समय परिवर्तित होता आया है। वर्ष 2012 में राजजात आयोजित होनी थी, मगर किन्हीं कारणों से जात नहीं हो पाई। जिसे एक वर्ष आगे खिसका दिया गया था। मगर 2013 में आपदा के चलते जात का आयोजन नहीं हो पाया, जिसके चलते 2014 में जात आयोजित हुई।

नंदा देवी मंदिर समिति कुरुड़ ने निर्णय पर जताया एतराज 
बारह साल बाद इस वर्ष राजजात प्रस्तावित थी। मगर नंदा राजजात समिति नौटी ने अगस्त, सितंबर में जात को जोखिम भरा बताते हुए और मलमास (अधिक मास) का हवाला देते हुए 2026 में राजजात को स्थगित कर इसे 2027 में आयोजित करने का निर्णय लिया। जिसके बाद नंदा देवी मंदिर समिति कुरुड़ ने इस निर्णय पर एतराज जताया है। सोमवार को आयोजित महापंचायत में राजजात नाम को दरकिनार कर बड़ी जात आयोजन का निर्णय लिया गया।

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आयोजन समिति के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हमने प्रशासन से लेकर शासन तक मां नंदा की बड़ी जात के आयोजन को लेकर गुहार लगाई। आठ माह से हम शासन-प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। मगर हमारे धैर्य को कमजोर समझा गया। रविवार को राजजात समिति ने नंदा जात के स्थगित करने की एकतरफा घोषणा कर दी गई। इस निर्णय में कुरुड़ समिति से कोई राय नहीं ली गई। अब निर्णय लिया गया कि राजजात के नाम को परिवर्तित कर मां नंदा की बड़ी जात आयोजित की जाएगी।

 

महापंचायत के बाद नंदा मंदिर में हुई विशेष पूजाएं

नंदानगर के ब्लॉक सभागार में महापंचायत के बाद कुरुड़ में स्थित मां नंदा के सिद्धपीठ मंदिर में विशेष पूजाएं आयोजित की गई। बड़ी जात समिति के अध्यक्ष हरेंद्र सिंह रावत और मंदिर समिति अध्यक्ष सुखवीर रौतेला के नेतृत्व में पूजाएं आयोजित हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रतिभाग किया। थोकदार विरेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नंदा देवी हमारी लोक आस्था व मान्यता की देवी हैं। इस अनुष्ठान में हम हर चुनौति का सामना करने को भी तैयार हैं।


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