अयोध्या में कजरी तीज का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। यह पर्व अखंड सौभाग्य और दांपत्य सुख की प्राप्ति के लिए मनाया जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तप किया था। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उन्हें अपनी अर्धांगिनी स्वीकार किया।महिलाएं इस दिन निर्जल व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। बाजारों में श्रृंगार सामग्री खरीदने के लिए महिलाओं की भीड़ देखी जा रही है।संध्या समय व्रती महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर पूजा संपन्न करेंगी। इसके बाद व्रत का पारण किया जाएगा।कई स्थानों पर महिलाएं पारंपरिक कजरी गीत गा रही हैं। साथ ही झूला उत्सव का आनंद ले रही हैं।सोमवार को हुई बारिश के कारण कुछ महिलाएं पूजा सामग्री नहीं खरीद पाई थीं।
आज सुबह भी बारिश हो रही थी। बारिश रुकने के बाद महिलाएं बाजारों में पहुंचकर खरीदारी कर रही हैं। मान्यता है कि इस व्रत से पति की लंबी आयु की कामना पूरी होती है। भोलेनाथ और मां पार्वती व्रत रखने वाली महिलाओं की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। आज सुबह से ही मौसम सुहाना बना हुआ है रिमझिम बारिश भी हो रही है। महिलाओं का कहना है की कजरी तीज के दिन बारिश होना शुभ माना जाता है।









