जश्न-ए-आजादी: आज भारत अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है लालकिले से लेकर देश के कोने-कोने तक, स्वतंत्रता दिवस की धूम

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भारत आज अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लालकिले पर ध्वजारोहण किया। उन्होंने लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए देश के सामने भविष्य का खाका खींचा और अतीत की कमियों का भी जिक्र किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर, आत्मनिर्भर भारत, जीएसटी में बदलाव, सेमीकंडक्टर समेत तमाम मुद्दों का जिक्र किया।

 

देश आज आजादी के जश्न में ओत-प्रोत है। बच्चे, बूढ़े हों या जवान सभी लोग अपने-अपने तरीके से देश की आजादी का उत्सव मना रहे हैं। ऐसे ही एक बच्ची राष्ट्रीय ध्वज लहराते हुए कैमरे में कैद हुई।

 

राष्ट्रीय ध्वज को सलामी देते पीएम मोदी। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर कहा ‘सरकार फाइलों में नहीं होनी चाहिए। सरकार लोगों की लाइफ में होनी चाहिए। कुछ लोगों को लगता है कि सरकार की योजनाएं तो पहले भी आती थीं, लेकिन हम सरकार की योजना को जमीन पर लाते हैं। कोई हकदार छूटे नहीं और सरकार उनके घर तक जाए, ऐसी हमारी कोशिश रहे। जनधन अकाउंट से आम व्यक्ति को यह विश्वास मिला था कि बैंक के दरवाजे हमारे लिए बंद नहीं हैं और मैं भी बैंक जा सकता हूं। आयुष्मान भारत के जरिए जब हम वरिष्ठ नागरिकों के आरोग्य की चिंता करते हैं। आज पीएम आवास के जरिए चार करोड़ लोगों को घर मिलना उनका सपना पूरा होने जैसा है। रेहड़ी-पटरी वालों के लिए पीएम स्वनिधि योजना हर व्यक्ति की चिंता की योजना है। जमीन से उतरी हुई योजनाएं देश के लोगों के जीवन में बदलाव लाने का सशक्त माध्यम बन जाती हैं।’

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independence day photos pm modi flag hoisting from red fort youth celebration

तिरंगे को सलामी देते संघ प्रमुख मोहन भागवत। पीएम मोदी ने भी लालकिले से दिए अपने संबोधन में संघ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ‘आज मैं गर्व के साथ एक बात का जिक्र करना चाहता हूं। आज से 100 साल पहले एक संगठन का जन्म हुआ- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ। 100 साल से राष्ट्र की सेवा। व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर 100 साल तक मां भारती के कल्याण का लक्ष्य लेकर संघ के लोगों ने मातृभूमि के कल्याण के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। आरएसएस दुनिया का सबसे बड़ा एनजीओ है। 100 साल से उसका देश की यात्रा में अहम योगदान है।’

 

 


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