हल्द्वानी- कलसिया नाले के अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर, डेढ़ माह पहले दिए गए थे नोटिस

Spread the love

 

ल्द्वानी के काठगोदाम स्थित कलसिया नाले के इर्द-गिर्द अतिक्रमण कर बनाए गए पक्के निर्माण को प्रशासन ने सोमवार को जेसीबी मशीन की मदद से ध्वस्त करा दिया। इस दौरान अतिक्रमणकारियों में अफरातफरी मची रही लेकिन किसी ने कार्रवाई का विरोध नहीं किया। देर शाम तक अवैध निर्माण कार्यों पर जेसीबी मशीन गरजती रही।

 

कसलिया नाले पर बना वर्षों पुराना पुल मौजूदा यातायात के भार को वहन करने की स्थिति में नहीं है। यहां एक ओर पक्का पुल है तो दूसरी ओर बैली ब्रिज। ऐसे में रोजाना यहां जाम की स्थिति पैदा होती है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने यहां पक्का डबल लेन पुल बनाने की योजना बनाई जिसे शासन से मंजूरी मिल चुकी है। पुल बनाने से पहले मौके पर वाहनों की आवाजाही के लिए अस्थायी बैली ब्रिज बनाया जाना है। जिस स्थान पर बैली ब्रिज बनना है वहां अतिक्रमण कर वर्षों पहले बनाए गए छोटे-बड़े भवन मौजूद हैं।

 

नगर आयुक्त परितोष वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी ने बताया कि लगभग डेढ़ माह पहले सड़क के दोनों ओर स्थित अतिक्रमणकारियों को स्वयं ही अपने निर्माण हटाने के संबंध में नोटिस जारी किए गए थे। इनमें से कुछ लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया था। सोमवार को जेसीबी मशीन की मदद से सड़क के दोनों ओर दस लोगों के पक्के अतिक्रमण हटा दिए गए हैं।

 

मानसून सीजन से पहले बनेगा अस्थायी बैली ब्रिज

नगर आयुक्त परितोष वर्मा और सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी का कहना है कि कलसिया नाले में मानसून सीजन शुरू होने से पहले अस्थायी बैली ब्रिज बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने के बाद वहां मौजूद पुराने बैली ब्रिज को खोला जाएगा। उसके स्थान पर पक्का पुल बनाने की कार्रवाई होगी। कलसिया नाले पर डबल लेन पुल के निर्माण में 6.60 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। पहले चरण के लिए विभाग को धनराशि अवमुक्त हो चुकी है।

कुमाऊं की लाइफ लाइन है यह पुल

और पढ़े  उत्तरकाशी: आयुर्वेदिक चिकित्सालय के पास हादसा, कालोनी के 3 घरों में शॉर्ट सर्किट से लगी आग, सिलिंडर फटा

कलसिया नाले पर बने पुल से कुमाऊं के पर्वतीय जिलों के हजारों लोग आवाजाही करते हैं। सार्वजनिक वाहनों के साथ मालवाहक गाड़ियां भी इसी पुल से गुजरती हैं। इस लिहाज से पुल बेहद महत्वपूर्ण है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक औसतन इस पुल से हर दिन 18 हजार से अधिक छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं जो अल्मोड़ा पिथौरागढ़ से लेकर धारचूला तक जाते हैं।


Spread the love
  • Related Posts

    देहरादून: फोन इस्तेमाल करने में पहाड़ की महिलाएं पीछे नहीं, पिछले 3 साल में 12% बढ़ा मोबाइल का उपयोग

    Spread the love

    Spread the love   उत्तराखंड में पहाड़ की महिलाएं भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने में पीछे नहीं है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 में यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार…


    Spread the love

    देहरादून- देहरादून के नए DM किसे मानते हैं सबसे बड़ी चुनौती?बताई जनता दरबार का नाम बदलने की वजह

    Spread the love

    Spread the loveराज्य गठन के बाद से देहरादून में विकास हुआ है लेकिन नित नई समस्याएं भी जन्म लेती हैं। बढ़ती आबादी के सापेक्ष संसाधन उपलब्ध कराना हर किसी प्रशासनिक…


    Spread the love