एमसीडी अधिकारियों के अनुसार, जिस भूमि से अतिक्रमण हटाया गया, वहां लंबे समय से गैरकानूनी तरीके से बरात घर संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा उसी परिसर में एक अवैध डिस्पेंसरी भी खोली गई थी।
एमसीडी ने कार्रवाई को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया। पूरे इलाके को पांच सेक्टरों में बांटा गया था ताकि हर हिस्से पर अलग-अलग टीम काम कर सके। इन पांच सेक्टरों में एमसीडी के पांच जोनों की टीमें तैनात की गई। ऑपरेशन में लगभग 100 एमसीडी कर्मचारियों को सीधे तौर पर लगाया गया था।
तोड़फोड़ के लिए 32 जेसीबी मशीनें, दो पोकलेन मशीनें और छह गैस कटर लगाए गए थे। मलबा हटाने के लिए 50 डंपरों की व्यवस्था की गई। यहां मलबा हटाने का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है। एमसीडी के अनुसार, बृहस्पतिवार की शाम तक मलबा हटाने का कार्य पूरा होने की संभावना है।
आपात स्थिति से निपटने के लिए मौके पर एंबुलेंस भी तैनात की गई। इसके साथ ही कर्मचारियों की सुविधा और लंबे समय तक चलने वाले ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए तोड़फोड़ स्थल पर ही अस्थायी शौचालय, पीने के पानी और चाय आदि की व्यवस्था की गई थी।
सड़कों पर दिखाई दिए ईंट और पत्थर
काबिज इलाके को ध्वस्तीकरण करने के बाद इलाके में कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। कुछ अज्ञात तत्वों की ओर से सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया गया। सड़क पर चारों ओर टूटी हुई ईंटें और पत्थर बिखरे नजर आए। उपद्रव के दौरान कुछ गाड़ियां भी सड़क पर गिरी हुई दिखाई दीं। इसके अलावा मीडियाकर्मियों की भारी मौजूदगी के बीच पुलिस गश्त करते हुए नजर आई। फिलहाल इलाके में शांति है। एहतियात बरतने के लिए भारी पुलिस बल को तैनात कर दिया गया है।
सुरक्षा के बीच हटाया जा रहा मस्जिद परिसर का मलबा
दरगाह सैय्यद फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास काबिज जमीन पर हुए अतिक्रमण को प्रशासन ने पूरी तरह जमींदोज कर दिया। मलबा हटाने के लिए बुधवार को मस्जिद परिसर में दर्जनों बुलडोजर दिखाई दिए।
इस दौरान दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) की टीमें, भारी पुलिस बल और सेना के जवान सहित अन्य टीमों की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण के बाद बिखरे मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर शुरू किया गया। सुरक्षाकर्मियों की भारी घेराबंदी से छावनी में तब्दील मस्जिद के पास के पूरे इलाके से निगम कर्मचारी मलबे को ट्रकों में भरकर हटाते नजर आए।
एहतियातन मस्जिद की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया। आसपास की सारी दुकानें पूरी तरह बंद कर दी गई। गलियों में सुरक्षाकर्मी लगातार गश्त करते हुए नजर आए ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और बिना कोई शोर गुल किए शांति से ध्वस्तीकरण का मलबा हटाया जा सके।
काबिज इलाके को ध्वस्तीकरण करने के बाद इलाके में कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। कुछ अज्ञात तत्वों की ओर से सुरक्षाकर्मियों पर पथराव किया गया। सड़क पर चारों ओर टूटी हुई ईंटें और पत्थर बिखरे नजर आए। उपद्रव के दौरान कुछ गाड़ियां भी सड़क पर पलटी हुई दिखाई दीं।
अतिक्रमण से मुक्त कराई एलएंडडीओ की भूमि
एमसीडी ने तुर्कमान गेट के पास से अतिक्रमण मुक्त कराई की भूमि को भारत सरकार के भूमि एवं विकास कार्यालय (एलएंडडीओ) के अधीन करार दिया है। एमसीडी ने बताया कि एक शिकायत के आधार पर उसने एलएंडडीओ और डीडीए के अधिकारियों के साथ संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कराया था, जिसमें अतिक्रमण सामने आया था।
इस दौरान रामलीला ग्राउंड के लगभग 36,428 वर्ग फुट क्षेत्रफल पर अवैध रूप से बैंक्वेट हॉल और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित मिली। इनमें एक निजी डायग्नोस्टिक सेंटर भी शामिल था। इसके अलावा सड़क और फुटपाथ पर भी अतिक्रमण होने की पुष्टि हुई थी, जिससे आम जनता को परेशानी हो रही थी।
एफआरएस सिस्टम से होगी उपद्रवियों की पहचान
दिल्ली पुलिस सूत्रों का दावा है कि मंगलवार देर रात हुए बवाल के बाद पुलिस की कई टीम वीडियो, सीसीटीवी फुटेज, बॉडी वॉन कैमरों की फुटेज, रिकॉर्ड कराई जा रही वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फेशियल रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) (चेहरा पहचाने वाली प्रणाली) की मदद से उपद्रवियों की पहचान की जाएगी। पुलिस आशंका जता रही है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर उपद्रव करने का प्रयास किया। पुलिस इन आरोपियों की पहचान के लिए एफआरएस सिस्टम की मदद लेगी।
मस्जिद के पास अवैध कब्जा ध्वस्त पथराव में पांच पुलिसकर्मी घायल
दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में एक मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान हिंसा भड़क गई। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अमले और पुलिसकर्मियों पर उग्र भीड़ ने पथराव कर दिया, जिसमें एसएचओ समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज के साथ ही आंसू गैस के गोले दागने पड़े। पुलिस ने पांच उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 25 अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बुधवार सुबह चांदनी महल थाने में विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। तनाव के मद्देनजर इलाके में अर्द्धसैनिक बलों की कई कंपनियां तैनात की गई हैं। गिरफ्तार आरोपियों में काशिफ, मो. कैफ, मो. अरीब, अदनान व समीर शामिल हैं।
सीसीटीवी कैमरों से अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। क्षेत्र में भीड़ जुटने पर पाबंदी लगा दी गई है। जोन के उपायुक्त विवेक अग्रवाल ने बताया, हाईकोर्ट के आदेश पर पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में मंगलवार देर रात अभियान चलाकर फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास करीब 36 हजार वर्गफीट जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई गई।
इस दौरान एमसीडी की भूमि पर बने अवैध बैंक्वेट हॉल, एक डिस्पेंसरी व सामुदायिक भवन को ध्वस्त कर दिया गया। हाईकोर्ट ने इसे सरकारी भूमि पर अतिक्रमण घोषित किया था।
रामपुर के सपा सांसद नदवी पर लगे भड़काने के आरोप
यूपी के रामपुर के सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी पर भीड़ को भड़काने के आरोप लगे हैं। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि इसकी जांच की जा रही है। वहीं, आरोपों को गलत बताते हुए नदवी ने कहा कि वह लोगों से अमन और शांति की अपील करने गए थे। नदवी ने कहा, कार्रवाई से पहले मस्जिद कमेटी को समय दिया जाना चाहिए था।
पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 5000 से अधिक जवान तैनात
तुर्कमान गेट इलाके में मंगलवार देर रात हुए एक्शन के बाद पूरे एरिया में भारी पुलिस का तैनात कर दिया गया है। पुलिस पूरे हालात पर नजर रखे हुए है। फिलहाल एहतियात के तौर पर पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के 5000 जवानों को तुर्कमान गेट और उसके आसपास तैनात किया गया है। पूरे हालात पर नजर रखी जा रही है। 24 घंटे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। लगातार एरिया के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।