बांग्लादेश- राजधानी ढाका में हुआ बम धमाका, एक मौत, तारिक रहमान की वापसी से पहले बांग्लादेश में उबाल

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बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। बुधवार को असामाजिक तत्वों द्वारा किए गए कच्चे बम हमले में एक युवक की मौत हो गई। इस घटना ने पहले से ही तनावग्रस्त माहौल को और गंभीर बना दिया है। देश में राजनीतिक उथल-पुथल, अल्पसंख्यकों पर हमलों के आरोप और आगामी आम चुनावों के बीच बढ़ती हिंसा ने बांग्लादेश को अस्थिरता के दौर में धकेल दिया है।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतक की पहचान सियाम के रूप में हुई है। बताया गया कि वह सड़क किनारे एक चाय की दुकान पर चाय पी रहा था, तभी फ्लाईओवर से शरारती तत्वों ने कच्चा बम फेंका। बम जमीन पर गिरते ही जोरदार धमाका हुआ, जिसमें सियाम गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में डर का माहौल बन गया।

 

तारिक रहमान की वापसी से पहले बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय हुई है, जब बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान 17 साल के निर्वासन के बाद देश लौटने वाले हैं। उनकी वापसी गुरुवार को तय है। तारिक रहमान की वापसी को लेकर ढाका में तैयारियां तेज हैं और उनके समर्थक इसे एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं। हालांकि, इसी बीच छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या ने हालात और बिगाड़ दिए हैं।

छात्र नेता हत्याकांड और हिंसा
छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में व्यापक हिंसा देखी गई। रिपोर्ट के अनुसार, इलाज के दौरान सिंगापुर में उसकी मौत हुई थी। इसके बाद ढाका सहित कई इलाकों में उग्र प्रदर्शन हुए। इस हिंसा के दौरान डेली स्टार और प्रोथोम आलो जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की गई। पत्रकारों को काफी देर तक दफ्तरों के अंदर फंसा रहना पड़ा। सरकार ने इस हत्याकांड के मुकदमे को स्पीडी ट्रायल ट्रिब्यूनल में चलाने का फैसला किया है।

 

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हिंदू व्यक्ति की हत्या पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
इस बीच, मयमनसिंह में हिंदू व्यक्ति दीपू चंद्र दास की हत्या को लेकर भी भारी आक्रोश है। भारत में इस घटना के खिलाफ कई शहरों में प्रदर्शन हुए। नई दिल्ली, कोलकाता, भोपाल, जम्मू, अगरतला, मुंबई और हैदराबाद में लोगों ने सड़कों पर उतरकर विरोध जताया और बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा की मांग की। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के शिक्षा सलाहकार सी.आर. अबरार ने मृतक के परिवार से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि सरकार परिवार की जिम्मेदारी ले रही है और दोषियों को सजा दिलाई जाएगी।

भारत-बांग्लादेश रिश्तों में खटास
इन घटनाओं का असर भारत-बांग्लादेश संबंधों पर भी पड़ा है। ढाका ने नई दिल्ली और अगरतला में वीजा सेवाएं निलंबित कर दी हैं। दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को तलब किया है। भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को ढाका के विदेश मंत्रालय में बुलाया गया, जबकि बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने तलब किया। बांग्लादेश सरकार के वित्त सलाहकार सालेहुद्दीन अहमद ने कहा है कि मुख्य सलाहकार मुहम्मद यूनुस भारत के साथ संबंध सुधारने के लिए प्रयास कर रहे हैं।

बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने दावा किया है कि वह हालात को काबू में लाने और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि, लगातार हो रही हिंसक घटनाएं, राजनीतिक तनाव और कूटनीतिक खिंचाव सरकार के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। आगामी आम चुनावों से पहले शांति बहाल करना बांग्लादेश के लिए सबसे बड़ी परीक्षा साबित हो सकता है।


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