BJP का राहुल गांधी पर पलटवार- केवल संविधान-संविधान चिल्लाते हैं, सभी बम ढेर हो जाएंगे..

Spread the love

राहुल गांधी की वोट चोरी के नए आरोपों पर भाजपा ने पलटवार किया। भाजपा ने कहा कि राहुल को कानून के बारे में कुछ नहीं पता है। वे सुप्रीम कोर्ट के निर्देश भी नहीं समझते हैं। आरोपों पर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘क्या राहुल गांधी संविधान को समझते हैं? वह सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश जारी किए। क्या उन्होंने कोई दांव लगाया? वह कानून या सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को नहीं समझते हैं। वह केवल ‘संविधान, संविधान’ चिल्लाते हैं। मुख्य बात स्पष्ट है। अगर राहुल गांधी को वोट नहीं मिलते हैं, तो हम क्या कर सकते हैं? देश उनके कार्यों को कभी नहीं भूलेगा। वह विपक्ष के नेता हैं। उनके कुछ मूल्य होने चाहिए। वह देश के मतदाताओं का अपमान कर रहे हैं। जनता उन्हें फिर से करारा जवाब देगी। उनके सभी बम धराशायी हो जाएंगे। वह किसी पर भरोसा नहीं करते। मैं इसकी निंदा करता हूं।’

‘ज्यादातर नकारात्मक शब्दों का ही इस्तेमाल करते हैं’
हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कहा, ‘वह दुनिया के पहले नेता हैं, जो अपने ही देश पर परमाणु बम या हाइड्रोजन बम गिराना चाहते हैं। अगर उनकी नीयत अच्छी होती, तो वे बेहतर शब्दों का इस्तेमाल करते। वह ज्यादातर नकारात्मक शब्दों का ही इस्तेमाल करते हैं।’
बिहार में जनता आपको फिर से दरकिनार कर देगी’
रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा, ‘कोई कितना हताश हो सकता है? आप विपक्ष के नेता हैं। आप दिखावे के लिए संविधान की किताब नहीं लहरा सकते। आपको ईडी, सीबीआई, चुनाव आयोग, ईवीएम और जनता पर भरोसा नहीं है। आप ऑपरेशन सिंदूर और सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं। यही वजह है कि जनता आपको गंभीरता से नहीं लेती। आप तीन बार हारे और अब आप अपनी भड़ास चुनाव आयोग पर निकाल रहे हैं। बिहार में जनता आपको फिर से दरकिनार कर देगी।’

‘गरजने वाले बादल बरसते नहीं’
लोकसभा में विपक्ष के नेता की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल ने कहा, ‘जिस तरह राहुल गांधी ने पूरे देश को भ्रमित करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कहा कि वे ‘हाइड्रोजन बम’ फोड़ेंगे, लेकिन जब उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तो उन्होंने कहा, आज वे हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे। इससे पता चलता है कि गरजने वाले बादल बरसते नहीं। एक तरफ वे ‘मोहब्बत की दुकान’ की बात करते हैं और दूसरी तरफ हाइड्रोजन बम की।’

राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें

  • मुख्य चुनाव आयुक्त उन लोगों को ‘बचा रहे’ हैं, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र को नष्ट किया है।
  • कुछ लोग लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के लिए उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बना रहे हैं।
  • अल्पसंख्यकों और दलितों को निशाना बनाया जा रहा है।
  • कर्नाटक के अलंद में कांग्रेस के मतदाताओं को निशाना बनाने के लिए फर्जी लोगों द्वारा 6018 वोट हटाने के आवेदन दायर किए गए।
  • वोटों को हटाने का काम किसी व्यक्ति के जरिए नहीं, बल्कि सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके केंद्रीकृत तरीके से किया गया।
  • कांग्रेस के गढ़ में योजनाबद्ध तरीके से वोटों को हटाया गया।
  • कर्नाटक सीआईडी ने चुनाव आयोग से वोटों को हटाने के विवरण मांगते हुए जांच शुरू कर दी, लेकिन चुनाव आयोग विवरण नहीं दे रहा है।
  • चुनाव आयोग वोटरों के नाम हटाने का विवरण न देकर लोकतंत्र के ‘हत्यारों’ का बचाव कर रहा है।
  • कर्नाटक, महाराष्ट्र, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए। मुख्य चुनाव आयुक्त को भारतीय लोकतंत्र की हत्या करने वाले लोगों की रक्षा करना बंद करना चाहिए।
  • यह वोटों को हटाकर ‘वोट चोरी’ का एक और उदाहरण है। मुख्य चुनाव आयुक्त को एक हफ्ते के भीतर ‘वोट हटाने’ का विवरण देना चाहिए।
  • हमारा काम आपके सामने सच्चाई पेश करना है। कानूनी व्यवस्था जैसी अन्य संस्थाएं भी हैं, जिन्हें हस्तक्षेप करना चाहिए।
  • मेरा काम लोकतांत्रिक व्यवस्था में भाग लेना है। संवैधानिक संस्थाएं अपना काम ठीक से नहीं कर रही हैं।
  • एक देशभक्त भारतीय होने के नाते, जो संविधान से प्रेम करता है, लोकतंत्र की रक्षा के लिए सच्चाई सामने लाना मेरा कर्तव्य है।
  • लोकतंत्र को केवल भारत के लोग ही बचा सकते हैं। जिस दिन उन्हें यह एहसास होगा कि लोकतंत्र और संविधान की चोरी हो रही है, काम हो जाएगा।
और पढ़े   सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CM ममता बनर्जी के आचरण ने लोकतंत्र को खतरे में डाला

Spread the love
  • Related Posts

    डिजिटल अरेस्ट पर एक्शन में सरकार: सिम कार्ड के लिए बायोमेट्रिक पहचान होगी जरूरी, व्हॉट्सप लाएगा खास फीचर

    Spread the love

    Spread the loveदेश में तेजी से बढ़ रहे डिजिटल अरेस्ट स्कैम पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बड़ा एक्शन प्लान पेश किया है। गृह मंत्रालय…


    Spread the love

    सबरीमाला मामला: SC की अहम टिप्पणी- धार्मिक संस्थानों में नियम जरूरी, अराजकता के लिए जगह नहीं

    Spread the love

    Spread the loveसुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सबरीमाला मामले से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान बेहद अहम टिप्पणी की है। नौ जजों की संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि…


    Spread the love