बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गहमागहमी जोरों पर है। इस बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बिहार भाजपा की कोर कमेटी की बैठक की अध्यक्षता करेंगे। जिसके लिए बिहार के दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा, प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवल समेत सभी वरिष्ठ नेता दिल्ली पहुंच चुके हैं। कहा जा रहा है कि इस बैठक में विधानसभा चुनाव की रणनीति को अंतिम रूप दिया जाएगा। साथ ही इसमें बिहार में एनडीए के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग पर भी मंथन होगा। संभव है कि इस बैठक के बाद भारतीय जनता पार्टी बिहार में सीट बंटवारे के फार्मूले का एलान कर दे।
वोटर अधिकार यात्रा के प्रभाव पर भी चर्चा
आज होने वाली इस अहम बैठक को लेकर सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में चुनावी रणनीति पर चर्चा होगी। साथ ही बिहार के शीर्ष नेता अमित शाह से मार्गदर्शन लेंगे ताकि विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा, सूत्रों का यह भी कहना है कि इस बैठक में हाल ही में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा निकाली गई वोटर अधिकार यात्रा के प्रभाव पर भी चर्चा होगी।
आज होने वाली बैठक को लेकर एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि बिहार चुनाव रणनीति पार्टी के लिए बेहद अहम है। अमित शाह का मार्गदर्शन एनडीए की सफलता का रास्ता तैयार करेगा। आज की बैठक में पार्टी हाईकमान जो भी दिशा-निर्देश देगा, उसे जमीन पर उतारा जाएगा ताकि कार्यकर्ताओं को प्रेरित कर एनडीए की जीत सुनिश्चित की जा सके।
अक्तूबर-नवंबर में हो सकता है बिहार विधानसभा चुनाव
संभावना है कि बिहार विधानसभा चुनाव अक्तूबर-नवंबर में होंगे, हालांकि चुनाव आयोग ने अभी आधिकारिक कार्यक्रम घोषित नहीं किया है। आगामी चुनावों में जहां भाजपा , जदयू और लोजपा के गठबंधन वाला एनडीए एक बार फिर अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में लगा है वहीं, राजद, कांग्रेस और वामपंथी दलों का महागठबंन नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने की कोशिश में है।
वर्तमान की बात करें तो 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा में एनडीए के पास 131 विधायक हैं। जिनमें भाजपा के 80, जदयू के 45, हम(से) के 4 और 2 निर्दलीय शामिल हैं। वहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन के पास 111 विधायक हैं। जिनमें आरजेडी के 77, कांग्रेस के 19, भाकपा(माले) के 11 और वाम दलों के अन्य 4 विधायक शामिल हैं।









