Bihar चुनाव: ‘सभी लाइसेंसी हथियार होंगे जमा, 50 जगहों पर जांच’, अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद बोले पटना के डीएम

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बिहार के मोकामा में गत 30 अक्तूबर को हुई नृशंस हत्या के मामले में सत्ताधारी दल- जदयू के प्रत्याशी अनंत सिंह को गिरफ्तार किया गया है। राज्य में लागू आदर्श आचार संहिता के बावजूद हुई हत्या जैसी वारदात और राज्य में लाइसेंसी के साथ-साथ गैर कानूनी हथियारों के इस्तेमाल की चुनौती कितनी बड़ी है? मौजूदा सूरत-ए-हाल में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ आपराधिक तत्वों की निगरानी कितना जटिल है? स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव राज्य सरकार के साथ-साथ निर्वाचन आयोग के सामने कितना बड़ा सवाल है? इन सवालों पर पटना के जिला दंडाधिकारी ने विस्तार से जवाब दिया है।

सभी लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश
मोकामा में अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद राजधानी पटना में प्रेस वार्ता के दौरान जिला दंडाधिकारी (डीएम) डॉ. थियागराजन एसएम ने बताया, मोकामा विधानसभा क्षेत्र में हुई इस घटना को प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिला प्रशासन और पुलिस ने कई सख्त कदम उठाए हैं। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। सभी लाइसेंसी हथियार जमा कराने के आदेश दिए गए हैं, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 50 से अधिक चेकिंग पॉइंट बनाए जा रहे हैं, और सीएपीएफ के जवानों को तैनात किया गया है। अवैध हथियारों की जब्ती के लिए छापेमारी लगातार जारी है। सबसे ज्यादा जब्ती पटना से हुई है। सीएपीएफ जवान बिहार पुलिस और मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय में काम कर रहे हैं।

कल 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया था
डीएम त्यागराजन ने कहा, प्रशासन ने घटना को बहुत गंभीरता से लिया है। हम पिछले 48 घंटों से दिन-रात कैंप कर रहे हैं। अब स्थिति बिल्कुल सामान्य है। वारदात में शामिल सभी असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कल 80 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन
अनंत सिंह की गिरफ्तारी मामले में डीएम के अलावा पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी (एसएसपी) कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि 30 अक्तूबर को मोकामा में दो प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी। इस दौरान पत्थरबाजी के कारण कई लोग घायल भी हुए थे। इस झड़प में जान गंवाने वाले 75 वर्षीय दुलारचंद यादव स्थानीय निवासी थे। पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सबूतों, प्रत्यक्षदर्शियों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह साबित हुआ कि यह घटना विधानसभा चुनाव के मद्देनजर लगाई गई आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ी है।

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पुलिस ने अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया
एसएसपी ने बताया कि हिंसक झड़प चुनाव में उम्मीदवार- अनंत सिंह की मौजूदगी में हुई थी, पुलिस ने उन्हें मुख्य आरोपी बनाया है। अनंत सिंह को उनके साथियों मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के साथ गिरफ्तार किया गया है। तीनों को मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा और पुलिस हत्याकांड की जांच जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि घोसवरी थाना को दोनों राजनीतिक खेमों के बीच विवाद और झड़प की सूचना मिली। पुलिस ने तारतर गांव के पास हुई इस हिंसा के मामले में तत्काल कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया। हिंसा के दौरान जान गंवाने वाले दुलारचंद यादव का पहले से भी आपराधिक इतिहास रहा है।
मतदाताओं से निडर होकर वोट करने की अपील
उन्होंने कहा, ‘बिहार पुलिस पटना के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहती है कि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से होंगे और वे निडर होकर मतदान कर सकेंगे। पटना पुलिस और प्रशासन मतदाताओं के साथ खड़ी है और किसी को भी अपने अधिकार का प्रयोग करने से नहीं रोका जाएगा।’


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