पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया प्रखंड स्थित भैंसही रिफ्यूजी प्राथमिक विद्यालय में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बच्चों ने विद्यालय के चापाकल का पानी पीया और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
चापाकल का पानी पीने से बिगड़ी तबियत
बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। घटना के बाद स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। शिक्षकों के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण भी घबरा गए। बीमार होने वाले बच्चों में शामिल हैं, पिंकी कुमारी, हिमांशु कुमार, प्रिंस कुमार, अरुण कुमार, शिवानी कुमारी, बिट्टू कुमार, साजन कुमार, सिमरन कुमारी, भोला कुमार, विशाल कुमार, कृष्णा कुमार और विकास कुमार। बताया गया है कि स्कूल खुलने के कुछ देर बाद चार-पांच बच्चों ने चापाकल का पानी पीया था। थोड़ी ही देर बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद कुछ अन्य बच्चों ने भी वही पानी पी लिया, जिससे कुल मिलाकर लगभग 12 बच्चे बीमार हो गए।
बच्चों को जीएमसीएच में कराया गया भर्ती
स्थिति बिगड़ते देख विद्यालय प्रशासन ने तुरंत बच्चों को भैंसही अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सभी बच्चों का प्राथमिक उपचार किया। बाद में बेहतर इलाज के लिए उन्हें एंबुलेंस से बेतिया के जीएमसीएच भेजा गया। सीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर है, लेकिन एहतियात के तौर पर उन्हें जीएमसीएच रेफर किया गया है। उन्होंने कहा कि पानी की जांच के बाद ही बीमारी का सही कारण पता चलेगा।
विधायक ने अधिकारियों को दिए निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने जिला शिक्षा पदाधिकारी और जीएमसीएच प्रशासन से फोन पर बात कर बच्चों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका माला कुमारी ने कहा कि बच्चे प्रतिदिन इसी चापाकल का पानी पीते हैं, इसलिए पानी की जांच बेहद जरूरी है। इस घटना के बाद अभिभावकों में चिंता और भय का माहौल है। स्थानीय लोग भी स्कूल के पानी की गुणवत्ता की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।









