राजधानी की हवा में भारी धातु मौजूद है, जिसमें तांबा, जस्ता, क्रोमियम और मोलिब्डेनम की सांद्रता क्षेत्र में कुल कण पदार्थ (पीएम 10) सांद्रता के 0.1 से 2 फीसदी के बीच है। इसके अलावा, दिल्ली में वायु प्रदूषण का स्तर पिछले कुछ दिनों में चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में पीएम10 (वायु में बारीक धूल कण) का औसत सांद्रता 130 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर पाया गया, जो राष्ट्रीय मानक 60 माइक्रोग्राम से कहीं अधिक है। इसका खुलासा केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) को सौंपी अपनी हालिया रिपोर्ट में किया है। रिपोर्ट के अनुसार, हवा में खतरनाक धातुओं की मौजूदगी भी उच्च स्तर पर पाई गई। रिपोर्ट के अनुसार, तांबा की औसत सांद्रता 55.13 नैनोग्राम प्रति घन मीटर, क्रोमियम की 12.25, मोलिब्डेनम की 0.91, और जिंक की 243.5 नैनोग्राम प्रति घन मीटर रही।
देशभर के 10 बड़े शहरों में भारी धातुओं के उच्चतम स्तर पर निगरानी
सीपीसीबी ने खुलासा किया है कि देश के 10 प्रमुख महानगरों में वायु में मौजूद पीएम10 कणों से जुड़ी भारी धातुएं (जैसे जिंक, क्रोमियम, कॉपर और मोलिब्डेनम) का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। अदालत ने पूर्वी दिल्ली में पीएम2.5 से जुड़े भारी धातुओं पर आधारित एक अध्ययन के आधार पर स्वत: संज्ञान लिया था। सीपीसीबी के वैज्ञानिक ई अधिकारी आदित्य शर्मा की तरफ से शपथ-पत्र में बताया गया कि जून-जुलाई 2025 के दौरान 10 महानगरों जयपुर, भोपाल, लखनऊ, अहमदाबाद, दिल्ली, नागपुर, कोलकाता, बेंगलुरु, विशाखापत्तनम और चेन्नई में 40 स्थानों पर निगरानी की गई। प्रत्येक शहर में औसतन 16 दैनिक अवलोकन (24 घंटे) दर्ज किए गए, जो औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय और परिवहन क्षेत्रों को कवर करते हैं।









