जासूसी नेटवर्क से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में बड़ा खुलासा, 3 खातों में भेजे गए 45 लाख रुपये

देश के महत्वपूर्ण स्थानों की वीडियो और फोटो पाकिस्तान भेजने वाले जासूसी नेटवर्क से सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, तीन आरोपियों के खातों में करीब 45 लाख रुपये की फंडिंग सामने आई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि पाकिस्तान से नेपाल के हवाला कारोबारियों के जरिए गिरोह को फंडिंग की जा रही थी। इसमें गिरफ्तार किए जा चुके नेपाल के गुल्मी, लुम्बिनी निवासी गणेश की अहम भूमिका है। जांच में सामने आया है कि आतंकियों को देश के महत्वपूर्ण स्थानों की वीडियो, फोटो और रील भेजने के बदले में जासूसों को रकम दी गई। गिरोह के मुख्य आरोपी मेरठ निवासी सुहेल मलिक के खाते में भी लाखों का लेन-देन हुआ है। मनी ट्रेल की जांच के दौरान जासूसी प्रकरण में पकड़े गए जावेद के पिता के बैंक खाते में भी विदेशी फंडिंग के संकेत मिले हैं।

 

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में नेपाल निवासी गणेश ने बताया कि पाकिस्तान से रकम नेपाल भेजी जाती थी। वहां से इसे कसीनो, मोबाइल और कपड़ों की दुकानों के खातों में ट्रांसफर किया जाता था। इसके बाद 20 से 25% कमीशन पर कुरियर से नकद और खातों में पहुंचाई जाती थी। डीसीपी सिटी धवल जयसवाल ने बताया कि आरोपियों के खातों की जांच करने पर कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

सरफराज ने महक के खातों में भेजी रकम
जांच में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान से गिरोह को संचालित कर रहे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कमांडर व पाकिस्तानी गैंगस्टर सरफराज उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह ने संभल से पकड़ी गई साने इरम उर्फ महक के खातों में लाखों रुपये भेजे। पूछताछ में महक ने बताया कि उसके खाते में अज्ञात स्रोतों से रकम आई थी और सरफराज ने मैसेंजर के जरिये धनराशि भेजने की जानकारी दी थी। उसने सरफराज से प्रेम संबंध होने की बात भी स्वीकारी थी।

नौशाद से मिलने आने वालों की तलाश में पुलिस
गाजियाबाद से सामने आए जासूसी कांड में फरीदाबाद से गिरफ्तार नौशाद अली से मिलने वालों की तलाश में भी पुलिस जुटी है। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी मीडिया से बात करने से बचते नजर आए। सूत्रों के अनुसार नौशाद अली ने फरीदाबाद के भी कई जगहों के फोटो व वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर को दिए थे।

शक है कि देश के अन्य शहरों की तरह इस गिरोह ने फरीदाबाद स्टेशन परिसर में भी सीसीटीवी लगाने का प्लॉन तैयार किया था। वहीं नचौली गांव स्थित पेट्रोल पंप पर प्रदूषण नियंत्रण मशीन चलाने वाले मोनू ने अमर उजाला को बताया कि अक्सर वो नौशाद के साथ खाना भी खाता था। लेकिन ऐसा कभी शक नहीं हुआ कि वह अवैध गतिविधि कर रहा है। नौशाद की पंचर की दुकान शुरू कराने वाले मुमताज उर्फ इम्तियाज ने बताया कि वह मेवला महाराजपुर के पेट्रोल पंप पर दुकान चलाता है और नौशाद के गांव का ही रहने वाला है। नौशाद के पिता जलालुद्दीन को वो जानता है।

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नचौली के पंप पर पहले मैनेजर के तौर पर कार्यरत रविंद्र ने उससे पंचर की दुकान लगाने को कहा था। मुमताज ने खुद तो दुकान नहीं लगाई पर गांव के जलालुद्दीन को इस बारे में बताया। तब जलालुद्दीन के बेटे नौशाद ने दुकान खोल ली। मुमताज के अनुसार वो तो नौशाद से यहां आने के बाद मिला भी नहीं।

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