केंद्रीय बजट में राज्यों के लिए राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) खत्म होने से हिमाचल प्रदेश को बड़ा झटका लगा है। आर्थिक तंगहाली से जूझ रहे प्रदेश को इसके मिलने का इंतजार था। 15वें वित्तायोग की सिफारिशों पर राज्य को राजस्व घाटा अनुदान के रूप में पांच साल के लिए करीब 37 हजार करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। हालांकि, बजट में हिमाचल के लिए माउंटेन ट्रेल की सौगात मिली है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को अपने बजट भाषण में हिमाचल प्रदेश का नाम लेकर पर्यटन क्षेत्र को लक्षित करते हुए केवल इसी एक योजना का एलान किया। माउंटेन ट्रेल की योजना से प्रदेश में नए ट्रैकिंग रूट विकसित होंगे। हिमाचल आने वाले सैलानियों को अतिरिक्त एडवेंचर एक्टिविटी मिलेगी। इसके अनुसार प्रदेश के लंबे ट्रैकिंग रूट माउंटेन ट्रेल योजना में शामिल किए जाएंगे। राज्य सरकार माउंटेन ट्रेल को लेकर केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजेगी, जिस पर बजट मंजूर होगा। हिमाचल प्रदेश को जीएसटी का तय हिस्सा मिलेगा। भाजपा की ओर से जीएसटी के स्टेट शेयर में 10 फीसदी बढ़ोतरी का दावा किया गया है। हिमाचल प्रदेश को 16वें वित्तायोग की सिफारिशों के तहत पंचायतों और शहरी निकायों के लिए ग्रांट के अलावा आपदा ग्रांट भी केंद्र जारी रखेगा।









