दिए गए जांच के आदेश
प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। कंपनी प्रबंधन से भी जवाब मांगा गया है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे और सभी औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा जांच की जाएगी। घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए गए हैं।
दमकल और पुलिस कर्मी भी आए चपेट में
घटना स्थल पर करीब 20 एम्बुलेंस पहुंची हैं। एक एम्बुलेंस चालक रवि ने बताया कि इसमें पुलिस कर्मचारी व दमकल विभाग के कर्मचारी भी जख्मी हुए हैं। सभी का बीके अस्पताल में उपचार चल रहा है। इनमें से कई गंभीर घायल हैं।
मजदूर ही नहीं अन्य लोग भी आए चपेट में
घायल विपिन ने बताया कि वह धमाके वाली जगह से 500 मीटर दूर सड़क पर थे, उनके साथ अन्य राहगीर लोग भी इसकी चपेट में आए हैं। कंपनी के आसपास खुली दुकान संचालक भी इसकी चपेट में आ गए हैं।
जगमेश ने पेश की बहादुरी की मिसाल
दमकल विभाग के कर्मचारी जगमेश भी इस हादसे की चपेट में गंभीर रूप से झुलस गए। उसके बावजूद घायल अवस्था में पांच लोगों को साथ लेकर वाहन चलाते हुए अस्पताल पहुंचे। यहां घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है, उनका उपचार किया जा रहा है, जिसके चलते परिजनों को भी मिलने नहीं दिया जा रहा। कई घायल 70 से 80 फीसदी तक झुलसे हुए हैं।
20 से 25 ड्रम फटे
मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि करीब 20-25 ड्रम थे, जो एक बाद एक विस्फोट हो रहे थे। इस विस्फोट से करीब 100 मीटर में खड़े वाहन दुपहिया व कार जल के राख हो गए।