सावधान रहे सावधान!: क्या आपके पास भी आया है सरकारी ऑफिस से ई-नोटिस? साइबर विंग ने जारी की ये एडवाइजरी

Spread the love

सावधान रहे सावधान!: क्या आपके पास भी आया है सरकारी ऑफिस से ई-नोटिस? साइबर विंग ने जारी की ये एडवाइजरी

तकनीक के बढ़ते कदम लोगों के लिए खतरा भी बढ़ा रहे हैं। दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत आने वाली साइबर विंग ने रविवार को एक अहम एडवाइजरी जारी की है। साइबर विंग ने कहा है कि किसी भी सरकारी दफ्तर से ईमेल पर कोई संदिग्ध ई-नोटिस मिलने पर लोगों को उस ईमेल में दिए गए नाम को इंटरनेट की मदद से नाम को चेक करना चाहिए। साथ ही संबंधित विभाग साइबर अपराध यूनिट में फोन कॉल करके आधिकारिक नाम के बारे में पूछताछ करनी चाहिए।

फर्जी ईमेल से रहें सतर्क
वहीं, भारतीय साइबर अपराध कोर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने एक सार्वजनिक विज्ञापन में कहा कि लोगों को सरकारी ई-नोटिस के आड़ में फर्जी ईमेल से सतर्क रहना होगा। विज्ञापन में आगे कहा गया है कि यह एक तरह का धोखा हो सकता है। ऐसे में यह लोगों को साइबर धोखाधड़ी का शिकार बना सकती है।

भूलकर भी न करें फर्जी ईमेल पर क्लिक
भारतीय साइबर अपराध कोर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने लोगों को ऐसे ईमेल पर क्लिक करने से पहले कुछ सुझाव दिए हैं। जैसे लोगों को यह चेक करना है कि क्या ईमेल किसी आधिकारिक सरकारी वेबसाइट से आया है, जो “gov.in” पर वेबसाइट का यूआरएल यानी लिंक समाप्त हो रहा है। किसी भी सरकारी ईमेल में दिए गए अधिकारी के नाम को वेरिफाई करें और संबंधित विभाग में फोन करके इसकी पुष्टि करें।

साइबर पुलिस को करें शिकायत
आगे बताया गया है कि किसी भी ऐसे ईमेल का जवाब नहीं देना है, जिसमें कुछ भी संदिग्ध लगें। ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पास के पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन को दी जानी चाहिए। साइबर अपराध से निपटने के लिए मंत्रालय की साइबर विंग ने बीते साल अगस्त में भी एक एडवाइजरी जारी की थी। इस दौरान लोगों को सरकारी वेबसाइट की आड़ में नकली ईमेल के प्रति सतर्क किया था।

और पढ़े  LPG- गैस बुकिंग पर एक और अपडेट, कोटे से अधिक सिलिंडर के लिए देनी होगी ये जानकारी, क्या है नया नियम?

साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर
नकली ईमेल में जानबूझकर I4C, इंटेलीजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस के लोगो का गलत इस्तेमाल किया गया है, ताकि लोगों को आसानी से गुमराह किया जा सकें। बीते हफ्ते केंद्रीय सचिवालय के कई अधिकारियों को फर्जी ईमेल भेजे गए थे, जिसमें कहा गया था कि एमईए की मैसेजिंग टीम की तरफ से जारी किए गए थे। संदिग्ध ईमेल और साइबर अपराध के किसी भी मामले की शिकायत www.cybercrime.gov.in पर या फिर साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है।


Spread the love
  • Related Posts

    ट्रंप ने ईरान को भेजा 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव, इस बीच सैनिकों की तैनाती भी बढ़ा रहा अमेरिका

    Spread the love

    Spread the love   डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम प्रस्ताव पेश किया है। यह जानकारी एक ऐसे व्यक्ति ने दी, जिसे इसकी जानकारी है, लेकिन उसे…


    Spread the love

    पैन कार्ड के नए नियम:  1 अप्रैल से पैन कार्ड में बड़ा बदलाव, जानें क्या बदलने वाला है

    Spread the love

    Spread the loveकई ऐसे डॉक्यूमेंट हैं जिनको बनवाना जरूरी होता है, क्योंकि इनके न होने पर आपके कई काम अटक सकते हैं। इसमें एक डॉक्यूमेंट पैन कार्ड भी है। ये…


    Spread the love

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *