बांग्लादेश: शेख हसीना की सजा के खिलाफ अवामी लीग का हल्लाबोल, 30 नवंबर तक देशव्यापी आंदोलन शुरू

Spread the love

बांग्लादेश की बेदखल पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को दी गई मृत्युदंड की सजा के खिलाफ उनकी पार्टी अवामी लीग ने मंगलवार (25 नवंबर) को 30 नवंबर तक देशभर में विरोध प्रदर्शन और ‘प्रतिरोध मार्च’ निकालने का एलान किया है। पार्टी ने इस सजा को ‘अवैध ट्राइब्यूनल का अवैध फैसला’ बताते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया है।

17 नवंबर को सुनाई थी फांसी की सजा
17 नवंबर को बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) ने 78 वर्षीय हसीना और तत्कालीन गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मानवता के खिलाफ अपराधों के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों नेताओं का मुकदमा अनुपस्थिति में चला। हसीना फिलहाल भारत में हैं, जबकि कमाल के भी भारत में छिपे होने की आशंका है।

 

अंतरिम सरकार की साजिश दिया करार
अवामी लीग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि यह फैसला मुहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार की साजिश है, ताकि हसीना और उनकी पार्टी को अगले वर्ष फरवरी में प्रस्तावित चुनाव से दूर रखा जा सके। पार्टी ने ‘अवैध ट्राइब्यूनल के अवैध फैसले’ को अस्वीकार करते हुए यूनुस के इस्तीफे की मांग की और देश के सभी जिलों और उपजिलाओं में 30 नवंबर तक प्रदर्शन और प्रतिरोध रैलियां आयोजित करने की घोषणा की। अवामी लीग ने कहा कि यह फैसला ‘तमाशा’ है, जिसे जनता ‘तिरस्कार के साथ खारिज कर चुकी है।’

पूरे देश में कड़े आंदोलन का एलान
अवामी लीग ने दावा किया कि वह जमीनी कार्यकर्ताओं और राजनीतिक संगठनों के साथ मिलकर ‘राष्ट्रविरोधी साजिशों’ का मुकाबला करेगी और किसी भी कीमत पर ‘मुक्ति संग्राम समर्थक ताकतों को चुनाव से बाहर करने की कोशिशों’ को नाकाम करेगी। बयान में कहा गया कि बांग्लादेश में साजिश के जरिए चुनाव नहीं होने दिया जाएगा। किसी भी कीमत पर इसका विरोध किया जाएगा। अवामी लीग ने चेतावनी दी कि जल्द ही पूरे देश में कड़े आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

‘जुलाई विद्रोह’ के बाद गिरी थी हसीना सरकार
गौरतलब है कि पिछले साल 5 अगस्त को ‘जुलाई विद्रोह’ नाम का छात्रों के नेतृत्व वाले हिंसक विरोध प्रदर्शन में शेख हसीना की अवामी लीग सरकार गिरा दी गई थी। इसके तीन दिन बाद नोबेल पुरस्कार विजेता यूनुस विरोध कर रहे स्टूडेंट के बुलावे पर पेरिस से अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के तौर पर कार्यभार संभालने के लिए आए। हसीना और दो अन्य लोगों पर प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए क्रूर तरीके अपनाने का आरोप लगाया गया था, जबकि UN अधिकार ऑफिस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि पिछले साल 15 जुलाई से 15 अगस्त के बीच लगभग 1,400 लोग मारे गए थे।

और पढ़े  PM मोदी के इस्राइल दौरे का आज दूसरा दिन,आज याद वाशेम स्मारक जाएंगे, राष्ट्रपति संग बैठक

Spread the love
  • Related Posts

    पाकिस्तान की साजिश बेनकाब: सीमा पार से घुसपैठ की फिराक में जैश आतंकवादियों के दो गुट, बॉर्डर पर अलर्ट

    Spread the love

    Spread the loveपाकिस्तान जम्मू संभाग में जैश आतंकियों के दो गुटों की घुसपैठ कराने की फिराक में है। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट के बाद भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर अलर्ट…


    Spread the love

    चंद्र ग्रहण 2026 का समय: दिल्ली-नोएडा और गुरुग्राम में इतने बजे लगेगा ग्रहण, जानें अपने शहर का समय

    Spread the love

    Spread the love     आज  3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है। यह ग्रहण भारत में पूर्ण रूप से प्रभावी रहेगा। मान्यता है कि,…


    Spread the love