रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह उर्फ बालेन की नई राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) आम चुनाव में बड़ी जीत की ओर बढ़ती दिख रही है। यह चुनावी राजनीतिक संकट के कारण कराया गया है। सितंबर में जेन-जी के नेतृत्व में हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद केपी शर्मा ओली ओली की सरकार गिर गई थी। चुनाव आयोग के मुताबिक कुल 165 सीटों में से 144 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं। इनमें आरएसपी छह सीटें जीत चुकी है और 109 सीटों पर आगे चल रही है। स्थानीय मीडिया ने यह जानकारी दी है।
अन्य पार्टियों की स्थिति इस प्रकार है-
- नेपाली कांग्रेस: 3 सीटें जीत गई हैं।
- CPN-UML: 11 सीटों में आगे।
- नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी: 2 सीटें।
- श्रम संस्कृति पार्टी: 6 सीटों में आगे।
- राष्ट्रिय प्रजातन्त्र पार्टी और प्रोग्रेसिव डेमोक्रेटिक पार्टी: प्रत्येक 1-1 सीट में आगे।
बता दें कि कुल सदस्यों की संख्या 275 है, जिनमें 165 को सीधे वोट से चुना जाएगा और 110 सीटें अनुपातित वोटिंग के आधार पर भरेंगी।
भारत का इन चुनावों पर रुख क्या है?
इस चुनाव पर भारत भी करीब से नजर रख रहा है। भारत चाहता है कि इस राजनीतिक रूप से संवेदनशील हिमालयी देश में स्थिर सरकार बने, ताकि दोनों देशों के विकास से जुड़ी साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके। भारतीय विदेश मंत्रालय (एमईए) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को कहा कि भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर दोनों देशों और लोगों के बीच मजबूत रिश्तों को और आगे बढ़ाने की उम्मीद करता है। उन्होंने कहा, भारत ने हमेशा नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का समर्थन किया है। इसी प्रतिबद्धता के तहत चुनाव के लिए नेपाल सरकार के अनुरोध परक भारत ने जरूरी लॉजिस्टिक मदद भी उपलब्ध कराई।
झापा-5 सीट पर ओली से आगे चल रहे बालेंद्र शाह
बालेंद्र शाह झापा की झापा-5 सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। यहां उनका मुकाबला चार बार के प्रधानमंत्री रह चुके नेकपा (यूएमएल) के प्रमुख केपी शर्मा ओली से है। बालेन्द्र शाह झापा-5 सीट पर ओली से आगे चल रहे हैं। यह सीट ओली का मजबूत गढ़ मानी जाती है। शाह को 6,551 वोट मिले हैं, जबकि ओली को 1,428 वोट मिले हैं।
चुनाव में नेपाली कांग्रेस ने अब तक दो सीटें जीती हैं और 13 सीटों पर आगे है। वहीं सीपीएन-यूएमएल 10 सीटों पर आगे चल रही है। नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने एक सीट जीती है और छह सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। श्रम संस्कृति पार्टी भी छह सीटों पर आगे है। आरएसपी की रंजू दर्शना और काठमांडू-1 सीट से 15,455 वोट पाकर जीत हासिल की। वहीं, नेपाली कांग्रेस के योगेश गौचन थकाली ने मुस्तांग सीट से 3,307 वोट के साथ जीत हासिल की।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रवि लमिछाने के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी काठमांडू की सभी दस सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। गुरुवार को प्रतिनिधि सभा के चुनाव में करीब 60 फीसदी मतदान हुआ। चुनाव आयोग के मुताबिक, मतगणना गुरुवार देर रात शुरू हुई और इसके शुक्रवार रात तक पूरी होने की उम्मीद है।
जेन-जी आंदोलन के बाद गिर गई थी ओली सरकार
2022 में बनी आरएसपी ने चुनाव में बालेन को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था और प्रचार अभियान के दौरान पार्टी को काफी समर्थन मिला। वहीं, नेपाली कांग्रेस नेकपा-यूएमएल पिछले साल जेन-जी आंदोलन के बाद गिरी सरकार का हिस्सा थीं। नेपाली कांग्रेस ने अपने अध्यक्ष गगन थापा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया है। जबकि नेकपा-यूएमएल ने केपी शर्मा ओली को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित किया है।
नेपाल में करीब 1.89 करोड़ मतदाता 275 सदस्यीय प्रतिनिधि सभा के लिए मतदान करने के पात्र थे। इनमें से 165 सदस्य प्रत्यक्ष मतदान प्रणाली से चुने जाएंगी। वहीं, 110 सदस्य आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के जरिये चुने जाएंगे।







