बाबा बागेश्वर- ‘हिंदू एकता पदयात्रा’ आज से, बाबा बागेश्वर का आह्वान- हिंदुत्ववादी विचारधारा है तो साथ चलें

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बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के नेतृत्व में इंद्रप्रस्थ यानि दिल्ली से वृंदावन तक 10 दिनी सनातन हिंदू एकता पदयात्रा शुक्रवार सुबह नौ बजे रवाना होगी। साधु संतों द्वारा सौंपे गए धर्म ध्वज को आगे रखकर शुरू होने वाली इस पदयात्रा की शुरुआत से पूर्व देशभर से दिल्ली पहुंचने वाले महामंडलेश्वरों, आचार्यों के आशीर्वचनों की वर्षा के बाद राष्ट्रगान, हनुमान चालीसा का पाठ और हिंदू एकता की शपथ के कार्यक्रम होंगे। 

हिंदुत्व के समर्थकों से यात्रा में शामिल होने का आह्वान
बागेश्वर महाराज ने कहा कि जो भी हिंदुत्ववादी विचारधारा का है, वह यात्रा में साथ चले, क्योंकि यह यात्रा किसी एक व्यक्ति की नहीं है सभी हिंदुओं की है। उन्होंने देश विदेश में रहने वाले हिंदुओं का आह्वान करते हुए कहा कि 7 नवंबर से 16 नवंबर तक की यात्रा में कम से कम एक दिन के लिए वे अवश्य आएं। महाराज श्री ने कहा कि वे विवाद नहीं संवाद के माध्यम से आगे बढ़ना चाहते हैं। 

 

Baba Bageshwar's Hindu Unity Padyatra, Sanatanis will move from Delhi to Vrindavan

 

इन संतों, राजनेताओं की रहेगी उपस्थिति
पदयात्रा में दीदी मां ऋतंभरा, चिदानंद मुनि जी ऋषिकेश, स्वामी ज्ञानानंद महाराज गीता मनीषी, रमणरेती वाले महाराज, प्रख्यात कथा वाचक सुधांशु जी महाराज, बालक योगेश्वर दास महाराज बद्रीनाथ, माधव दास महाराज मौनी बाबा, राजू दास महाराज हनुमान गढ़ी, मृदुल कांत शास्त्री वृंदावन, आरके पांडे जी बलदेव मंदिर, अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. संजीव कृष्ण ठाकुर, तन्मय वशिष्ठ गंगासभा तीर्थ पुरोहित, दिल्ली संत मंडल महामंत्री महामंडलेश्वर नवल किशोर दास महाराज के अलावा दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, सांसद मनोज तिवारी, मंत्री कपिल मिश्रा सहित दिल्ली से 50 संत महात्माओं की गरिमामय उपस्थिति रहेगी।

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मुस्लिम समाज के लोग भी शामिल होंगे 
बागेश्वर महाराज ने कहा कि यह पहला अवसर है जब उनकी यात्रा का समर्थन इस्लाम धर्म के लोगों ने किया है। फैज खान के नेतृत्व में 300 से अधिक मुस्लिम समाज के लोग यात्रा में चलेंगे। विगत दिनों दिल्ली में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ महाराज श्री ने बैठक की थी। इसमें समाज के सभी लोगों ने महाराज श्री की यात्रा का समर्थन करते हुए साथ चलने का भरोसा दिया था। मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के माध्यम से लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है इसलिए वे यात्रा में साथ चलेंगे।


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