आजम परिवार का जौहर ट्रस्ट से किनारा, अखलाक को सौंपी जिम्मेदारी, संस्था पर चल रहे 30 से अधिक मुकदमे

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पा के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां, उनके छोटे बेटे एवं सपा के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम और पत्नी एवं पूर्व सांसद डॉ. तजीन फात्मा ने मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से खुद को अलग कर लिया है। इसके बाद ट्रस्ट की जिम्मेदारी बहन निकहत अफलाक को सौंपी गई है। बड़े बेटे अदीब को सचिव बनाया गया है। मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट आजम के ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी और रामपुर पब्लिक स्कूलों का संचालन करता है।

इस ट्रस्ट में आजम खां अध्यक्ष थे जबकि उनकी पत्नी डॉ. तजीन फात्मा सचिव, इतना ही नहीं आजम खां के दोनों बेटे अदीब आजम और अब्दुल्ला आजम इस ट्रस्ट के सदस्य हुआ करते थे।

कसते कानूनी शिकंजे के बाद आजम खां ने बेटे अब्दुल्ला और पत्नी डॉ. तजीन फात्मा के साथ खुद को जौहर ट्रस्ट से अलग कर लिया है। मालूम हो कि पूर्व में जब आजम खां, अब्दुल्ला आजम और तजीन फात्मा जेल में बंद थे।

तब ट्रस्ट के संचालन में भी असुविधा हो रही थी। लिहाजा, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी गठित की गई है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार एसएन सलाम ने बताया कि निकहत अफलाक को ट्रस्ट के अध्यक्ष और मोहम्मद अदीब आजम को सचिव की जिम्मेदारी साैंपी गई है। 

आजम-अब्दुल्ला की अपील पर अब 27 को सुनवाई
दो पैन कार्ड मामले में सजा काट रहे सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की अपील पर बृहस्पतिवार को सुनवाई नहीं हो सकी। इस मामले की सुनवाई अब 27 जनवरी को होगी।

सपा नेता अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले दिनों सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सात साल की कैद व 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।

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इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से सजा के खिलाफ और अभियोजन की ओर से सजा बढ़ाए जाने को लेकर एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दायर की गई है। बृहस्पतिवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई अब 27 जनवरी को होगी।


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