बाबरी विध्वंस की बरसी पर शनिवार को जिले में सुरक्षा घेरा सख्त रहा। समूचे अयोध्या धाम को चार जोन और नौ सेक्टर में बांटकर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। शुक्रवार की रात से ही जिले में अलर्ट रहा और टीमें चारो तरफ खाक छानती रहीं। हालांकि, जिले भर में किसी तरह की अराजकता सामने नहीं आई है।
छह दिसंबर को लेकर शुक्रवार की शाम से ही अयोध्या धाम को जोन और सेक्टर में बांट दिया गया। सीओ स्तर के अधिकारियों को जोन व निरीक्षकों को सेक्टर का प्रभारी बनाया गया है। प्रत्येक सेक्टर में उप सेक्टर बनाए गए और उप निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई। सभी पॉइंटों पर दो पालियों में ड्यूटी लगाकर सुरक्षा घेरा अभेद्य कर दिया गया।
मस्जिद टेढ़ी बाजार, हाजी महबूब के घर के पास, वशिष्ठ कुंड गली, ब्रह्मकुंड तिराहा, शांति भवन, दोराही कुआं, टेढ़ी बाजार चौराहा, शाबरी मस्जिद, मस्जिद भद्र कोटिया, पांजीटोला तिराहा, खजूर वाली मस्जिद, राम मंदिर के सभी मार्गों, श्रीराम अस्पताल तिराहा समेत अयोध्या धाम की सभी गलियों में सशस्त्र जवान तैनात रहे। जगह-जगह बैरियर लगाकर वाहनों को रोका गया और तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया।

यलो जोन के पास लगे वाहनोंं की तलाश के बाद ही अंदर जाने दिया गया। सिविल पुलिस के अलावा पीएसी और आरएएफ के जवान जगह-जगह तैनात रहे। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के लिए अयोध्या धाम की निगरानी की गई। संवेदनशील इलाकों में वरिष्ठ अधिकारी बीडीएस टीम के साथ खाक छानते रहे। राम मंदिर परिसर की सुरक्षा और सख्त कर दी गई। एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर, एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी आदि पुलिस बल के साथ विभिन्न स्थानों का निरीक्षण करते रहे।
सार्वजनिक स्थानों पर हुई चेकिंग
एसएसपी के निर्देश पर शुक्रवार की रात अयोध्या धाम व कैंट रेलवे स्टेशन, सिविल लाइन स्थित बस स्टेशन, अयोध्या धाम बस स्टेशन आदि का निरीक्षण किया गया। देर रात लगभग दो बजे तक अयोध्या धाम के सभी होटल, धर्मशाला और लॉज का सत्यापन किया गया। यहां ठहरे सभी यात्री का आधार कार्ड देखा गया। किसी भी संदिग्ध यात्री के दिखने पर तत्काल पुलिस को सूचित करने का निर्देश दिया गया। एसपी सिटी ने बताया कि आसपास के जिलों से सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया था। कंट्रोल रूम से पल-पल की निगरानी की जा रही है। जिले में शांति व्यवस्था कायम है।








