रामनगरी अयोध्या ने धार्मिक पर्यटन का नया इतिहास रच दिया है। इस वर्ष अब तक 22 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे हैं, जो पिछले वर्ष के 16 करोड़ श्रद्धालुओं की तुलना में लगभग 6 करोड़ अधिक है।
राम मंदिर के लोकार्पण के बाद अयोध्या में आस्था का ज्वार निरंतर बढ़ रहा है। देश ही नहीं, विदेशों से भी लाखों श्रद्धालु रामलला के दर्शन को पहुंच रहे हैं। हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और राम मंदिर परिसर में रोजाना उमड़ती भीड़ इस बढ़ती लोकप्रियता की गवाही दे रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार इस साल जनवरी से सितंबर के बीच अयोध्या में आने वाले श्रद्धालुओं की औसत संख्या प्रतिमाह दो करोड़ से अधिक रही। पिछले नौ माह में 22.41 करोड़ श्रद्धालु व पर्यटक अयोध्या पहुंच चुके हैं।
पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड देखें तक अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में 10 गुना वृद्धि हुई है। 2021 में जहां अयोध्या में मात्र 1.57 करोड़ श्रद्धालु आए थे, वहीं इस साल 22 करोड़ से अधिक श्रद्धालु व पर्यटक अयोध्या पहुंचे हैं। श्रद्धालुओं की संख्या में हर साल वृद्धि होती रही। पर्यटन विभाग के अनुसार होटल एव जलपान गृह से जीएसटी संग्रह की धनराशि में 2024 की तुलना में इस साल 161़ 03 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। पिछले नौ माह में 99़ 29 लाख की जीएसटी का संग्रह किया जा चुका है।
उपनिदेशक पर्यटन बृजपाल सिंह ने बताया कि अयोध्या अब वैश्विक धार्मिक पर्यटन का केंद्र बन चुकी है। हर साल श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड टूट रहा है। आम श्रद्धालुओं के साथ-साथ देश-विदेश की जानी-मानी हस्तियां अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर रही हैं। इस साल 22.41 करोड़ श्रद्धालु व पर्यटक अयोध्या पहुंचे हैं।
महाकुंभ में तीन करोड़ श्रद्धालु पहुंचे
महाकुंभ के दौरान अयोध्या में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा था। कुंभ के दौरान 45 दिनों के भीतर करीब तीन करोड़ श्रद्धालु अयोध्या आए थे। श्रद्धालुओं ने सरयू स्नान कर रामलला व हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान रोजाना करीब पांच लाख श्रद्धालु रामलला के दरबार में हाजिरी लगा रहे थे। कुंभ मेले के दौरान अयोध्या की अर्थव्यवस्था में जबरदस्त उछाल हुआ। 45 दिनों में करीब तीन हजार करोड़ का कारोबार हुआ।









