जिले में रसोई गैस सिलिंडर की आपूर्ति व्यवस्था करीब 20 दिन बाद भी पटरी पर नहीं लौट सकी है। हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को बाउचर कटवाने, केवाईसी कराने और सिलिंडर प्राप्त करने के लिए दिनभर गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। कमर्शियल सिलिंडरों की आपूर्ति लगभग ठप होने से समस्या और गंभीर हो गई है।
टेढ़ी बाजार स्थित साकेत, शशि और जीडी गैस एजेंसी समेत जिले की सभी 52 एजेंसियों पर अब भी उपभोक्ता लंबी लाइनों में लगने को मजबूर हैं। कमर्शियल गैस की कमी का सीधा असर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। अधिकतर कारोबारी अब घरेलू गैस सिलिंडरों पर निर्भर हो गए हैं, जिससे घरेलू सिलिंडरों की किल्लत और बढ़ गई है। इस स्थिति का फायदा उठाकर कई जगहों पर कालाबाजारी शुरू हो गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की मुश्किलें और बढ़ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि कई दिनों तक एजेंसियों के चक्कर लगाने के बावजूद न तो समय पर बाउचर कट पा रहा है और न ही सिलिंडर मिल रहा है। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से व्यवस्था सुधार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।







