Ayodhya:- पर फैलने से पहले ही जटायु के कतरे पर, 53 दिन के भीतर ही ये सेवा बंद होने के कगार पर ।

Ayodhya:- पर फैलने से पहले ही जटायु के कतरे पर, 53 दिन के भीतर ही ये सेवा बंद होने के कगार पर ।

सरयू तट पर क्रूज जटायु के पर फैलने से पहले ही कतर गए। पर्यटकों को रिझाने के लिए शुरू की गई यह सेवा हेलीकॉप्टर और पैराग्लाइडिंग की तरह कुछ ही दिनों में फेल हो गई। लोगों का कहना है कि तीनों सेवाएं जल्दबाजी में बिना किसी होमवर्क के शुरू की गई थीं। इसलिए उपयोगिता साबित नहीं कर सकीं।
<strong>Ayodhya:- पर फैलने से पहले ही जटायु के कतरे पर, 53 दिन के भीतर ही ये सेवा बंद होने के कगार पर ।</strong>
रामनगरी को विश्वस्तरीय पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने की कवायद तेजी से चल रही है। 34 हजार करोड़ की योजनाओं से अयोध्या में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। अप्रैल में पर्यटन विभाग की तरफ से ””अयोध्या धाम के हवाई दर्शन”” सेवा शुरू की गई थी। इसके लिए प्रति व्यक्ति तीन हजार रुपये का शुल्क तय किया गया था। आठ मिनट में पर्यटकों को पूरी अयोध्या के हवाई दर्शन कराए जाने थे। यह सेवा पहले 15 दिन के लिए ट्रायल के तौर पर शुरू की गई थी। जिस कंपनी को यह जिम्मेदारी दी गई थी, वह कंपनी 11 दिन में ही वापस लौट गई। बताया गया कि हवाई दर्शन सेवा उपलब्ध कराना कंपनी के लिए महंगा साबित हो रहा है।

कुछ महीने पहले अयोध्या में पैराग्लाइडिंग की सेवा शुरू की गई। इसका उद्घाटन जिले के वरिष्ठ अधिकारियों ने किया था, लेकिन यह सेवा कब शुरू हुई और कब बंद हुई, किसी को पता ही नहीं चला। इसी तरह सितंबर में शुरू हुई क्रूज सेवा का भी हाल बेहाल है। इस संबंध में पर्यटन अधिकारी आरपी यादव ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।

और पढ़े  अयोध्या: एनएच- 27 पर भीषण हादसा, ट्रैक्टर-ट्रॉली में डीसीएम ने मारी टक्कर, 28 लोग थे सवार
  • Related Posts

    सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने पर विवाद, सपा विधायक के चाचा के खिलाफ FIR

    मुरादाबाद के बिलारी के सपा विधायक मो. फहीम के चाचा मो. उस्मान के खिलाफ मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सर्किट हाउस…

    UP- नया अध्याय, 2401 दिन बाद बदला राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप, 2020 में गठित ट्रस्ट में पहली बार बड़ा फेरबदल

    सुप्रीमकोर्ट से राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद भव्य मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ और केंद्र सरकार के निर्देश पर पांच फरवरी 2020 को श्रीराम जन्मभूमि…