अयोध्या: भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए

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रम तपस्वी अमरकंटक के तपोनिष्ठा संत कायाकल्पी बर्फानी दादा महाराज के आशीर्वाद से रामपथ बाईपास पर विराजमान सिद्ध पीठ संकट मोचन हनुमान किला में बह रही है, श्री राम महायज्ञ, नवाह पारायण और श्रीमद् भागवत कथा की त्रिवेणी। नव संवत्सर चौत शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को अखिल भारतीय पंच तेरह भाई त्यागी खालसा खधक – चौक और सिद्धपीठ संकट मोचन हनुमान किला पीठाधीश्वर महंत परशुराम दास महाराज के संयोजन में श्रीराम महायज्ञ, अखंड दुर्गा सप्तशती पाठ, श्री राम नाम संकीर्तन एवं श्री रामचरितमानस अखण्ड पाठ और श्रीमद् भागवत कथा। अनुष्ठान का प्रारंभ श्री राम मंदिर निर्माण में आने वाली बढाओ के संकल्प के साथ 2010 में हुआ था जो निरंतर 15 वें वर्ष में भी पूरी आध्यात्मिकता और उत्साह के साथ प्रारंभ हुआ। सबसे पहले तपोनिष्ठा संत महंत रामदास महाराज के सानिध्य में कार्यक्रम के संयोजक महंत परशुराम दास ने पंचांग पूजन, बेदी पूजन, अरणी मंथन कर अग्नि देव को प्रकट किया और उसके उपरांत भगवान श्री राम नाम के महामंत्र से हवन कुंड में आहुतियां पढ़ने लगी। आचार्य
जी ने बताया कि सवा लाख श्री राम महामंत्र आहुतियां डाली जाएगी। मंदिर परिसर में नव निर्मित हाल में शाम के सत्र में श्रीमद् भागवत कथा की अमृत वर्षा हो रही है, व्यास पीठ से श्री श्री 1008 श्री महंत गणेश दास महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत अमृत कलश है जिसके श्रवण मात्र से जीव का कल्याण हो जाता है, कथा के तीसरे दिन श्री महाराज जी ने कहा कि आप सब पर ठाकुर जी की कृपा है। जिसकी वजह से आप अवध 1 धाम में कथा का आनंद ले रहे है। श्रीमद भगवत कथा का रसपान कर पा रहें हैं क्योंकि जिन्हें गोविन्द प्रदान करते है जितना प्रदान करते है उसे उतना ही मिलता है। कथा में यह भी बताया की अगर आप भागवत कथा सुनकर कुछ पाना चाहते हैं, कुछ सीखना चाहते है तो कथा में प्यासे बन कर आए, कुछ सीखने के उद्देश्य
से, कुछ पाने के उद्देश्य से आएं, तो ये भागवत कथा जरूर आपको कुछ नहीं बल्कि बहुत कुछ देगी। कार्यक्रम के आयोजन महंत परशुराम दास जी महाराज ने कथा में उपस्थित संतों का स्वागत सम्मान किया और कहा कि हम सबके आराध्य प्रभु श्रीराम की कृपा सभी कार्य संपन्न होते हैं और उन्हीं के आदेश से हनुमान जी महाराज की अध्यक्षता में सभी काम संपन्न हो रहे हैं। कथा के समापन के अवसर पर मुख्य यजमान महंत जयराम दास महाराज ने आरती उतारी प्रसाद वितरण किया गया। यज्ञाचार्य आचार्य कुलदीप तिवारी ने प्रथम प्रथम दिवस के अनुष्ठान को वैदिक विद्वानों के साथ संपन्न कराया। इस अवसर पर प्रमुख रूप से राम जी भाई पाल मुंबई, अमर सिंह अयोध्या, राजमणि सिंह अयोध् या, डॉ एमपी यादव के साथ सैकड़ो शिष्य परिवार उपस्थित रहे।

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