अयोध्या- बड़ा भक्तमाल महाराज का 50वां साकेतोत्सवः 26 अक्टूबर से 4 नवंबर तक मनाया जाएगा, महंत अवधेश कुमार दास महाराज ने CM योगी को दिया निमंत्रण

Spread the love

 

पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज और उनके कृपापात्र शिष्य कृष्ण गोपाल दास ।
अयोध्या के रामघाट स्थित बड़े भक्तमाल
आश्रम में बड़े भक्तमाल महाराज का 50वां साकेतोत्सव मनाया जाएगा।

मंगलवार को बड़ा भक्तमाल पीठाधीश्वर महंत अवधेश कुमार दास महाराज और उनके कृपापात्र कृष्ण गोपाल दास ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात किया। इस दौरान कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण सौंपा है। सीएम ने कार्यक्रम में शामिल होने का आश्वासन दिया है।
26 अक्टूबर से 4 नवम्बर 2025 तक कार्तिक शुक्ल पंचमी से चतुर्दशी तक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां अभी से शुरू हो गई है। इस आयोजन में देशभर से हजारों साधु-संत, महंत और श्रद्धालु शामिल होने अयोध्या आएंगे।परंपरागत भक्ति गीत, भजन-कीर्तन, संत प्रवचन और विविध आध्यात्मिक अनुष्ठानों से यह साकेतोत्सव अयोध्या की भक्ति और अध्यात्म की परंपरा को नई ऊँचाई देगा। आयोजन समिति के अनुसार हर दिन सुबह से देर रात तक आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे, जिनमें साधु-संतों का विशाल सम्मेलन भी शामिल रहेगा।
पूरे कार्यक्रम का प्रमुख संयोजन महंत कौशल किशोर दास महाराज कर रहे हैं, जबकि संपूर्ण संचालन की जिम्मेदारी महंत अवधेश दास महाराज के हाथों में है। आयोजन समिति ने बताया कि यह साकेतोत्सव केवल आध्यात्मिक उत्सव नहीं बल्कि भक्ति और संस्कृति का महाकुंभ होगा।
साकेतोत्सव का यह 50वां आयोजन अपने आप में ऐतिहासिक है। इस बार आयोजन में विशेष रूप से रामचरितमानस और भक्तमाल के पाठ, भजन संध्या, कथा-प्रवचन और रामघाट पर गंगा-आरती जैसे कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। रामघाट का वातावरण भक्ति रस से सराबोर होगा और श्रद्धालु दिव्य आस्था का अनुभव करेंगे

और पढ़े  एक साथ नहीं होगी शहर के मुख्य स्कूलों की छुट्टी, जाम से बचने के लिए बनाई गई गाइडलाइन, लगेगा जुर्माना

Spread the love
  • Related Posts

    अयोध्या- गुलाबबाड़ी परिसर में चला स्वच्छता अभियान, विधायक व महानगर अध्यक्ष ने किया जनसंपर्क

    Spread the love

    Spread the love       शहर के गुलाबबाड़ी परिसर में रविवार को स्वच्छता अभियान चलाकर जनजागरूकता का संदेश दिया गया। इस अभियान में विधायक वेद प्रकाश गुप्ता एवं भाजपा…


    Spread the love

    उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान की शिष्या थीं आशा भोसले, ‘झुमका गिरा रे…’ गाना गाकर बरेली को दी नई पहचान

    Spread the love

    Spread the love   बदायूं के सहसवान-रामपुर संगीत घराने की परंपरा के संगीतकारों का नाम देश ही नहीं दुनिया में रोशन रहा है। बॉलीवुड की दिग्गज गायिका आशा भोसले भले…


    Spread the love