अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले से जुड़ी उर्मिला सनावर को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने नार्को टेस्ट के लिए बुलाया है। बुधवार को इस प्रकरण में सीबीआई की कार्यवाही के संबंध में उर्मिला ने मीडिया के सामने आकर जारी नोटिस दिखाया और अपनी बात रखी।
नार्को टेस्ट के लिए उर्मिला तैयार
मीडिया के सामने उर्मिला ने कहा कि मैंने नार्को टेस्ट के लिए अपनी सहमति दे दी है। मुझे किसी बात का डर नहीं है क्योंकि मैं सत्यता की लड़ाई लड़ रही हूं। सीबीआई ने शुक्रवार सुबह 10:30 बजे देहरादून बुलाया है। मैं नार्को टेस्ट के लिए उपस्थित रहूंगी लेकिन इस दौरान यदि मेरे साथ कोई हादसा होता है या साक्ष्य मिटाने की कोशिश की जाती है तो इसकी जिम्मेदार सीबीआई और प्रदेश सरकार होगी। रविवार को भी मुझसे एक पेपर पर हस्ताक्षर कराए गए थे और आज रात फिर से नोटिस दिया गया यह मामला संदिग्ध लग रहा है।
अब द्रौपदी करेगी कौरवों का चीरहरण
उर्मिला सनावर ने दावा किया कि वह चार साल से अपनी और अंकिता भंडारी की लड़ाई लड़ रही हैं। पहली बार एक द्रौपदी कौरवों का चीरहरण करेगी। इस लड़ाई में पूरी उत्तराखंड की जनता का समर्थन है। 50 करोड़ रुपये का ऑफर भी दिया गया था इसके बावजूद उन्होंने सीबीआई को कई साक्ष्य दिखाए हैं, जिनमें रिकॉर्डिंग भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि 48 मिनट की रिकॉर्डिंग सीबीआई के पास नहीं थी, जिससे उन्हें लगा कि जैसे अंकिता भंडारी को आधा-अधूरा न्याय मिला है, वैसे ही सीबीआई भी आधी-अधूरी जानकारी लेकर आई थी।








