अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की तरफ से बिछाई गईं बारूदी सुरंगों को हटाने के लिए समुद्री ड्रोन व अन्य रोबोटिक प्रणालियां भेजी हैं। ईरान-अमेरिका में अस्थायी युद्धविराम के बीच यह प्रयास किया जा रहा है कि होर्मुज के जरिये वाणिज्यिक पोतों की आवाजाही जल्द से जल्द बहाल की जाए।
अमेरिकी नौसेना जलडमरूमध्य में संभावित रूप से मौजूद बारूदी सुरंगों की पहचान और उनका पता लगाने के लिए मानवयुक्त और मानवरहित कार्यक्रमों को चला रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य का वैश्विक स्तर पर बहुत महत्व है क्योंकि विश्व के लगभग पांचवें हिस्से का तेल और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) यहीं से होकर गुजरता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नौसेना मानवरहित जलमग्न जलवाहियों (यूयूवी) का उपयोग करके समुद्र तल की प्रारंभिक जांच कर रही है। पता चलने पर समुद्री बारूदी सुरंगों को विशेष रोबोटिक प्रणालियों का उपयोग करके नष्ट कर दिया जाता है।
जंगी पोतों पर खाने-पीने की चीजों की कमी को बताया फेक न्यूज
अमेरिकी युद्ध मंत्री पीट हेगसेथ ने होर्मुज में तैनात अमेरिकी सैन्य पोतों पर खाने-पीने की चीजों की कमी की रिपोर्ट को फेक न्यूज करार दिया। उन्होंने इस खबर को छापने वाले पत्रकारों की तुलना फरसियों से की जो बाइबिल में वर्णित यहूदी समूह थे, जिन्होंने यीशु का विरोध किया था।
अमेरिकी नौसेना को रोबोट से जलडमरूमध्य का सर्वेक्षण और उसे साफ करने में मदद की है जबकि पारंपरिक तरीकों में इसमें हफ्तों या महीनों का समय लगता था। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, सेना एक सामान्य मानवरहित सतह पोत, आरटीएक्स कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित एक ड्रोन का उपयोग कर रही है जो एक्यूएस-20 नामक एक तैरते हुए सोनार सिस्टम को खींचता है। यह सिस्टम समुद्र तल पर बिछी खदानों की जांच करती है और एक समय में 100 फीट तक चौड़े क्षेत्रों में गश्त करने में सक्षम है।







