Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 फिर लागू, प्रदूषण को कम करने के निर्देश

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू कर दिया है। यह निर्णय क्षेत्र में वायु गुणवत्ता के ‘खराब श्रेणी’ में बने रहने के कारण लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य बिगड़ती वायु स्थिति को नियंत्रित करना है।

 

सीएक्यूएम ने वायु प्रदूषण से निपटने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ग्रैप का पहला चरण तब लागू किया जाता है जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच जाता है। इस चरण में प्रदूषण के स्तर को बढ़ने से रोकने के लिए कई उपाय किए जाते हैं। इन उपायों का लक्ष्य प्रदूषण के स्रोतों पर नियंत्रण स्थापित करना है।

दिल्ली-एनसीआर के सभी संबंधित विभागों को इन नियमों का पालन करने का निर्देश दिया गया है। वायु प्रदूषण एक गंभीर चुनौती बना हुआ है। इसके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ते हैं। आयोग स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है।

 

दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) आज 226 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यह निर्णय ग्रेप उप-समिति की बैठक में लिया गया, जिसमें मौजूदा वायु गुणवत्ता परिदृश्य और मौसम विभाग के पूर्वानुमान की समीक्षा की गई।

उप-समिति ने पाया कि प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण दिल्ली का एक्यूआई लगातार बढ़ रहा है। आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो दिनों तक एक्यूआई ‘खराब’ श्रेणी में ही रहने की संभावना है। इसी के मद्देनजर, पूरे एनसीआर में ग्रेप के पहले चरण के तहत सभी कार्रवाइयां तुरंत प्रभाव से लागू की जाएंगी।

और पढ़े  सत्य निकेतन पीजी हादसा: 3 आरोपी गिरफ्तार, हरिराम और पत्नी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, बेटे को दो दिन की पुलिस कस्टडी

संबंधित सभी एजेंसियों को ग्रेप के पहले चरण के तहत निर्धारित उपायों को लागू करने, निगरानी करने और उनकी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वायु गुणवत्ता का स्तर और खराब न हो। सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को कड़ी निगरानी रखने और ग्रेप अनुसूची के उपायों को तेज करने के लिए कहा गया है।

नागरिकों से भी अनुरोध किया गया है कि वे ग्रेप के पहले चरण के तहत नागरिक चार्टर का सख्ती से पालन करें। उप-समिति वायु गुणवत्ता परिदृश्य पर कड़ी नजर रखेगी और दिल्ली में वायु गुणवत्ता तथा आईएमडी/आईआईटीएम द्वारा किए गए पूर्वानुमान के आधार पर समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर उचित निर्णय लेगी। यह आदेश उत्तर प्रदेश और राजस्थान के मुख्य सचिवों को भी भेजा गया है।

ग्रेप के पहले चरण में पाबंदियां
ग्रेप के पहले चरण में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय शामिल हैं। इनमें निर्माण और विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध, सड़कों की यांत्रिक सफाई और पानी का छिड़काव शामिल हो सकता है। औद्योगिक उत्सर्जन को नियंत्रित करने और वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए भी कदम उठाए जाते हैं। नागरिकों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें और अनावश्यक यात्रा से बचें। इन उपायों का उद्देश्य वायु गुणवत्ता को और बिगड़ने से रोकना है। इसके तहत खुले में कूड़ा जलाना, निर्माण गतिविधियों पर कुछ पाबंदियां, डस्ट कंट्रोल उपाय और वाहनों के प्रदूषण को कम करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

  • Related Posts

    ब्रिक्‍स सम्‍मेलन- बस कुछ ही देर में शुरू होगी शिखर सम्मलेन की बैठक, राष्ट्राध्यक्षों के पहुंचने का हो रहा इंतजार

    भारत की मेजबानी में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग आज दोपहर दिल्ली गए हैं। जिनपिंग इस दौरे पर पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत…

    ब्रिक्स समिट 2026: शी जिनपिंग भारत पहुंचे, पालम एयरपोर्ट पर लैंड हुआ चीनी राष्ट्रपति का विमान,पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

    चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग शनिवार को नई दिल्ली पहुंच गए हैं। वह 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत दौरे पर आए हैं। सम्मेलन से इतर…