वायु प्रदूषण: दिल्ली-एनसीआर में छाया धूल का गुबार, विजिबिलिटी हुई कम, अचानक चली तेज हवाएं

Spread the love

 

दिल्ली एनसीआर में मौसम बदल गया है। अचानक तेज हवा के साथ आसमान में धूल ही धूल नजर आने लगी। अधिकांश हिस्सों में धुंध की चादर छाई हुई है और दिल्ली के कई हिस्सों में दृश्यता बेहद कम हो गई है। बताया जा रहा है कि बुधवार रात करीब 10 बजे तेज आंधी आई थी। जिसके चलते ऐसा हुआ है।

अचानक तेज आंधी के कारण छाई धूल से दिल्ली एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी भी प्रभावित हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, पालम में आईजीआई एयरपोर्ट पर 10 बजे से 11:30 बजे के बीच 1-2 घंटे में दृश्यता 4500 मीटर से गिरकर 1200 मीटर हो गई थी। यह मुख्य रूप से उस समय क्षेत्र में अचानक तेज हवाएं चलने के कारण था, जो लगभग 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से चल रही थी।

बता दें कि दिल्ली समेत पूरे एनसीआर में धूल की चादर छाने से विजिबिलिटी कम होने कारण लोगों का परेशानी का सामना करना पड़ा। धूल के कारण लोगों को देखने और सांस लेने में समस्या हुई।

मौसम विभाग ने दृश्यता कम होने की यह बताई वजह
उच्च उत्तर-दक्षिण दबाव के कारण 14 मई की रात से 15 मई की सुबह तक पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तरी राजस्थान में 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से धूल भरी तेज हवाएं चलीं। इन तेज हवाओं के प्रभाव से धूल दक्षिणी पंजाब और दक्षिणी हरियाणा होते हुए दिल्ली-एनसीआर तक पहुंच गई, जिससे दृश्यता में कमी आई और इस अवधि के दौरान आईजीआई हवाई अड्डे पर सबसे कम दृश्यता 1200 मीटर दर्ज की गई।

और पढ़े  मोदी सरकार के 12 साल: CM योगी बोले- पीएम मोदी ने देश को पॉलिसी पैरालिसिस और भ्रष्टाचार के दौर से बाहर निकाला

Spread the love
  • Related Posts

    मानसून सत्र में फिर संविधान संशोधन बिल लाएगी सरकार, परिसीमन हर हाल में लागू करने की रणनीति

    Spread the love

    Spread the loveतृणमूल कांग्रेस के बाद शिवसेना यूबीटी में बड़ी टूट से उत्साहित मोदी सरकार ने महिला आरक्षण एवं परिसीमन के लिए संविधान संशोधन विधेयक को मानसून सत्र में पेश…


    Spread the love

    रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी कामयाबी, FY26 में उत्पादन ₹1.78 लाख करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा

    Spread the love

    Spread the loveभारत ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। सरकार ने बुधवार को जानकारी दी कि पिछले वित्त वर्ष (2025-26) में देश का सालाना…


    Spread the love