दवा व्यापारी के पूरे परिवार की आत्महत्या के बाद सूदखोरों के चंगुल में फंसे संजय,खाया जहर।

दवा व्यापारी के पूरे परिवार की आत्महत्या के बाद सूदखोरों के चंगुल में फंसे संजय,खाया जहर।

विशेष संवाददाता – साजिद खान

शाहजहांपुर

दवा व्यापारी के सपरिवार आत्महत्या के बाद
सूदखोरों के चंगुल में फंसे संजय
प्रताड़ना से परेशान होकर खाया जहर
परिवार ने दी कोतवाली में तहरीर
तथाकथित समाजसेवी के बेटे के पार्टनर की धमकी

सूदखोरों के चंगुल में फंस कर जिले में कुछ समय पहले एक दवा प्यार व्यापारी के सपरिवार आत्महत्या कर लेने के बाद भी सूदखोरों के मकड़जाल से जिला मुक्त नहीं है । ताजा मामले में वंदना मोबाइल शोरूम के मालिक संजय अब इनका ताजा शिकार हुए ।
जानकारी के अनुसार संजय व्यापार के उतार-चढ़ाव के चलते हुए सूदखोरों के चंगुल में आ गए जिसके बाद उनको अपनी दुकान व मिल को बेचना पड़ा । इस सब के बावजूद भी सूदखोरों ने उनको चैन की सांस नहीं लेने दी । बीते दिवस उनके घर पर जाकर उनको परिवार के सामने प्रताड़ित किया । परिवार के सामने प्रताड़ना के बाद संजय ने अपनी जीवन लीला समाप्त करने के लिए जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया । संजय बाबू के मित्र को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने आनन-फानन में संजय को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया ‌, जहां संजय इस वक्त जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं ।
संजय ने लिखा सुसाइड नोट
सूदखोरों की घटना से मानसिक रूप से संजय इतने परेशान हो गए कि उन्होंने आत्महत्या करने का विचार कर सुसाइड नोट तैयार किया जिसमें उन्होंने परिवार के लोगों से बाकी बच्चों का ख्याल रखने की बात भी लिखी ।
परिजनों ने कोतवाली में दी तहरीर
संजय को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले सूदखोरों के खिलाफ परिजनों ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की है ।‌
सूदखोरों को प्राप्त है खादी का संरक्षण
दवा व्यापारी के परिवार सहित आत्महत्या करने के बाद सूदखोरों के खिलाफ चलाए गए अभियान कुछ समय बाद ही ठंडे बस्ते में डाल दिया गया । सूत्र बताते हैं डमी के रूप में खड़े किए गए सूदखोर के साथ रकम लगाने वाले कुछ सफेदपोश भी हैं जो इन पर कसने वाले शिकंजे में पर्दे में रहकर मदद करते हैं ।‌
संजय के इस कदम से व्यापार जगत में शोक
मोबाइल सेल की दुनिया में संजय एक मशहूर शख्सियत हैं पिछले एक दशक से लोगों को जानते हैं । बुधवार को जब संजय के इस कदम की जानकारी व्यापारियों को हुई
तो कईयों को तो गहरा आघात लगा और जिसने भी सुना दो अस्पताल की तरफ दौड़ गया ।
मेडिकल कॉलेज के ट्रामा सेंटर में संजय जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे चिकित्सकों की मानें तो उनकी हालत स्टेबल है । परिवार द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर सूदखोरों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी देखने वाली बात यह होगी । बताया जाता है कि संजय ने अपनी दुकान और प्लाट जिले में मौजूद एक तथाकथित समाजसेवी के बेटे
कुणाल अग्रवाल को बेचा था । जिसने पहले वादा किया था की दुकान खाली नहीं कराई जाए मगर वादे से मुकर गया और दुकान को खाली करा लिया ।‌ उसके पार्टनर प्रदीप में आधा दर्जन के करीब लोगों के घर पहुंच कर संजय को धमकाया और 11 लाख रुपए की मांग। की ।
ब्याज का उधार पैसा और धमकियों के सिलसिले में संजय को आत्महत्या की तरफ धकेलने में अहम रोल अदा किया। संजय की पत्नी विभा अग्रवाल की तरफ से थाना कोतवाली में कुणाल अग्रवाल उसके मित्र प्रदीप सहित कई के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई।

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