चुनाव आयोग आज चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान कर रहा है। इसमें पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जा रही है। इन सभी प्रदशों में एसआईआर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
चुनाव के लिए आयोग ने क्या की तैयारियां?
पांच राज्यों के चुनाव में इस बार नया क्या?
- मतदान केंद्रों में मोबाइल जमा करने की सुविधा।
- ईवीएम बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो और बड़े फॉन्ट में नाम।
- प्रत्येक मतदान केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाता।
- मतदान केंद्र से 100 मीटर के बाहर उम्मीदवारों के बूथ की अनुमति।
- अधिक स्पष्ट और बेहतर मतदाता सूचना पर्ची।
- सभी प्रमुख मतदाता सेवाओं और सभी हितधारकों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म।
- सभी मतदान केंद्रों पर 100% वेबकास्टिंग।
- हर दो घंटे में ECINET पर मतदान प्रतिशत का डेटा सीधे अपलोड होगा।
25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे- सीईसी
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में प्रति मतदान केंद्र औसतन 750-900 मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 2.19 लाख मतदान केंद्रों पर मतदान होगा; 25 लाख चुनाव अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहेंगे।
‘किसी भी लोकतंत्र की नींव शुद्ध मतदाता सूची होती है’
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस दौरान विशेष मतदाता सूची संशोधन के उद्देश्य को समझाते हुए कहा, ‘किसी भी लोकतंत्र की नींव शुद्ध मतदाता सूची होती है। इसी उद्देश्य से संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत विशेष गहन संशोधन किया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी पात्र मतदाता छूट न जाए और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो। मैं इस कार्य में शामिल सभी बूथ स्तरीय अधिकारियों, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, मतदाता पंजीकरण अधिकारियों, जिला चुनाव अधिकारियों और सभी चुनाव अधिकारियों को इसके सुचारू संचालन और सफल समापन के लिए बधाई देता हूं।’
चुनाव का पर्व हम, सबका गर्व है- ज्ञानेश कुमार
सीईसी ने प्रेस वार्ता में कहा कि- मैं युवाओं से कहना चाहता हूं कि अब आप सबसे अहम जिम्मेदारी उठाने जा रहे हैं। मतदान का अधिकार। आप गर्व से और जिम्मेदारी से अपने वोट का इस्तेमाल करें। आपका वोट आपका मत है। चुनाव का पर्व हम, सबका गर्व है।







