होर्मुज जलडमरूमध्य में ओमान तट के पास टैंकर पर हमला, लगी भीषण आग, क्या बोला UKMTO?

ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में मंगलवार सुबह एक टैंकर पर हमला हुआ। ब्रिटिश सेना ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि मंगलवार तड़के ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ, जिससे उसमें आग लग गई। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स सेंटर (UKMTO) ने बताया कि टैंकर को जलडमरूमध्य में ओमान के लिमाह के पास निशाना बनाया गया।वहीं, ईरान के सरकारी टेलीविजन ने दावा किया है कि जहाज ने पहले जारी की गई चेतावनियों को नजरअंदाज किया था, जिसके बाद उस पर कार्रवाई की गई। फिलहाल जहाज की स्थिति, नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

सेंटर के मुताबिक, यह हमला तब हुआ जब टैंकर जलडमरूमध्य से दक्षिण की ओर गल्फ ऑफ ओमान की तरफ जा रहा था। प्रोजेक्टाइल जहाज के बाईं ओर (पोर्ट साइड) लगा। इस हमले से पर्यावरण पर कोई नुकसान नहीं हुआ है और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इस हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी ने नहीं ली है, हालांकि हाल के दिनों में ओमान के पास के रास्ते से गुजरने वाले कम से कम दो अन्य जहाजों पर हुए हमलों के लिए ईरान पर शक जताया गया है।
हालांकि, अमेरिका इस जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोलने के लिए ईरान के साथ बातचीत आगे बढ़ना चाहता है। अमेरिका का उद्देश्य ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना और 28 फरवरी को शुरू हुए युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करना है। लेकिन पहले हुए ऐसे हमलों के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की थी, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी के अरब देशों पर हमले किए। इससे तनाव बढ़ने का खतरा रहता है।
इस बीच, अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत फिलहाल रुकी हुई है। यह बातचीत ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के दफन होने तक रुकी रहेगी। खामेनेई युद्ध की शुरुआत में मारे गए थे। उनके अंतिम संस्कार में शामिल लोग अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मौत की सजा देने की मांग कर रहे हैं। अधिकारी खामेनेई के शव को रात में शिया मदरसा शहर कोम ले गए, जहां मंगलवार को उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) सेंटर ने बताया कि यह हमला ओमान के लीमा के पास हुआ। टैंकर जलडमरूमध्य से बाहर दक्षिण की ओर ओमान की खाड़ी की तरफ जा रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात वस्तु टैंकर के बाईं ओर आकर टकराई। इस हमले से पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

ईरान के संयुक्त सैन्य कमान ने पिछले गुरुवार को चेतावनी दी थी कि इस जलमार्ग से गुजरने वाले सभी तेल टैंकरों को उसके स्वीकृत रास्तों का ही इस्तेमाल करना होगा। ईरान ने कहा था कि नियमों का पालन न करने, रास्ते से भटकने या ईरान के नौवहन नियमों की अनदेखी करने पर सेना तुरंत और कड़ी कार्रवाई करेगी। इससे नियमों का उल्लंघन करने वाले जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी। ईरान ने यह भी कहा था कि अमेरिकी सेना के हस्तक्षेप का तेजी से और निर्णायक जवाब दिया जाएगा।

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ईरान और अमेरिका के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इसके तहत जहाजों को 60 दिनों तक बिना शुल्क दिए गुजरने की अनुमति दी गई थी। लेकिन तेहरान ने जोर दिया कि वह जहाजों के रास्तों को नियंत्रित करेगा और बाद में शुल्क लेगा। इससे इस जलमार्ग में दशकों से चली आ रही व्यवस्था बदल गई है।

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