राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अल कायदा गुजरात आतंकी साजिश के मामले में गुरुवार को पांच राज्यों में छापेमारी की। अल कायदा गुजरात आतंकी साजिश में कथित तौर पर अवैध प्रवासी बांग्लादेशियों के शामिल होने का शक है। एनआईए ने पांच राज्यों में 10 जगहों पर छापेमारी की। एनआईए के प्रवक्ता ने बताया कि एनआईए की टीमों ने बुधवार को पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मेघालय, हरियाणा और गुजरात में विभिन्न संदिग्धों और उनके सहयोगियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ली।
साल 2023 में दर्ज किया गया मामला
अधिकारी ने बताया कि कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए हैं जिन्हें फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। यह मामला 2023 में दर्ज किया गया था, जिसमें चार बांग्लादेशी नागरिकों – मोहम्मद सोजिब मियां, मुन्ना खालिद अंसारी, अजरुल इस्लाम और अब्दुल लतीफ के नाम शामिल हैं। ये आरोपी जाली भारतीय पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके बांग्लादेश से भारत में अवैध रूप से घुसे थे।
अल कायदा से है संदिग्धों का ताल्लुक
एनआईए का कहना है कि, ‘ये लोग प्रतिबंधित अल-कायदा आतंकवादी संगठन से जुड़े पाए गए। ये लोग बांग्लादेश में अल-कायदा के गुर्गों के लिए धन इकट्ठा करने और उसे हस्तांतरित करने में शामिल थे, और मुस्लिम युवाओं को सक्रिय रूप से उकसाने में भी शामिल पाए गए।’ एनआईए ने 10 नवंबर, 2023 को अहमदाबाद की एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया था।
महाराष्ट्र एटीएस ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर को गिरफ्तार किया
इससे पहले महाराष्ट्र के आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) ने पुणे के एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर को प्रतिबंधित आतंकी संगठनों अल-कायदा और अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया है। इसके बाद एटीएस ने ठाणे के एक शिक्षक से भी पूछताछ की। एटीएस ने 27 अक्तूबर को 37 वर्षीय जुबैर हंगरगेकर को गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि वह प्रतिबंधित संगठनों से जुड़ा था और कट्टरपंथ फैलाने की गतिविधियों में शामिल था। जांच के दौरान एटीएस को उसके पुराने फोन में पाकिस्तान का एक संपर्क नंबर सेव मिला।







