जय श्री कॉलेज लोअर माल रोड खत्याड़ी के छात्र छात्राओं ने धूम धाम से शिक्षक दिवस मनाया , इस अवसर पर छात्र – छात्रओं ने सास्कृतिक कर्यक्रम भी प्रस्तुत किये , वहीं छात्र छात्राओं ने दीप जलाकर अपने गुरुजनों की पूजा अर्चना की ,साथ ही केक काटकर शिक्षकोँ का सम्मान किया उसके पश्चात छात्र -छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किये , इसी दौरान कॉलेज के चेयरमेन भानु प्रकाश जोशी ने छात्र -छात्राओं को संबोधित करते हुवे बताया कि
हमारी संस्कृति में गुरु का दर्जा माता-पिता के समान ही होता है। एक तरफ जहां माता-पिता बच्चे को जन्म देते हैं तो शिक्षक उनके जीवन को आकार देते हैं। शिक्षक हमेशा हमें मार्गदर्शित करते है, प्रेरणा देते हैं और समाज में हमें एक अच्छा नागरिक बनाते हैं। शिक्षक हमारे जीवन की नींव होते हैं। जोशी ने कहा की शिक्षक वह नहीं जो विद्यार्थी के दिमाग में तथ्यों को जबरन ठूंसे, बल्कि वास्तविक शिक्षक तो वह होता है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करे। कॉलेज के चेयरमेन ने छात्र छात्राओं को बताया कि 5 सितंबर 1962 से भारत में शिक्षक दिवस मनाने की शुरुआत हुई। जोशी ने बताया कि एक बार हमारे देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन से सवाल किया गया कि वो अपना जन्मदिन किस तरह मनाना चाहते हैं तो इस पर उन्होंने कहा था कि अगर मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो उन्हें बेहद प्रसन्नता होगी।वहीं जय श्री कॉलेज की प्रधानाचार्या श्रीमती चंपा कनवाल एवं कॉलेज के सीईओ प्रमोद कुमार जोशी ने भी अपने वक्तव्य में छात्र छात्राओं को सम्बोधित किया और उन्हें सदमार्ग की ओर चलने की प्रेरणा दी , कार्यक्रम में , राजेन्द्र तिवारी , पंकज चन्याल, निरंजन तिवारी,शिवानी जोशी , दीक्षांत कार्की जी , मनोज बिष्ट , प्रवीण गुणवंत , रजिया , रश्मि देवड़ी , कृष्ण कुमार , आशीष जोशी , मोहन कनवाल , गजेंद्र लोहिया , राजेन्द्र प्रसाद आदि लोग उपस्थित रहे।








