आतंकियों का मकसद था बड़ा नरसंहार- एकता यात्रा तो नहीं थी टारगेट? दिल्ली समेत पूरे NCR को उड़ाने का रखा सामान

Spread the love

ड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने के लिए एकत्रित 2,900 किलोग्राम विस्फोटक जब्त करने के साथ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने तीन डॉक्टरों समेत आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। हरियाणा व उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ केंद्रीय एजेंसियों के साझा अभियान में जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े इस व्हाइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल का खुलासा हुआ। इसका जाल कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला था। वहीं, पकड़े गए संदिग्ध आतंकी डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब ने पूछताछ में जो बताया वह होश उड़ा देने वाला है।

कश्मीर निवासी डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई उर्फ मुसैब काे फरीदाबाद और डॉ. शाहीन काे सोमवार को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। मुजम्मिल की प्रेमिका शाहीन की कार से एके-47 राइफल मिली थी। दोनों को पूछताछ के लिए श्रीनगर ले जाया गया। जब्त 2,900 किलो विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम नाइट्रेट और सल्फर शामिल है। इससे पहले, अनंतनाग निवासी डॉ. आदिल अहमद को 7 नवंबर को सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था। वह अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में कार्यरत था। 2024 में ही इस्तीफा देकर सहारनपुर आया था।

 

सात संदिग्ध कश्मीर के
गिरफ्तार आठ में से सात कश्मीर के हैं। श्रीनगर के नौगाम से आरिफ निसार डार, यासिर-उल-अशरफ व मकसूद अहमद डार उर्फ शाहिद, शोपियां से मौलवी इरफान अहमद, गांदरबल से जमीर अहमद अहंगर, पुलवामा से डॉ. मुजम्मिल अहमद गनई और कुलगाम से डॉ. आदिल। वहीं डॉ. शाहीन लखनऊ की रहने वाली है। इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। कुछ और संदिग्धों की तलाश की जा रही है।

और पढ़े  Air Pollution: दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-1 फिर लागू, प्रदूषण को कम करने के निर्देश

पाकिस्तानी हैंडलरों के नंबर मिले
मुजम्मिल और आदिल के फोन में कई पाकिस्तानी नंबर मिले हैं। ये नंबर इस नेटवर्क के हैंडलर हो सकते हैं।

साढ़े तीन साल से यूनिवर्सिटी में नौकरी कर रहा था मुजम्मिल
मुजम्मिल अल फलह यूनिवर्सिटी में डॉक्टर के तौर पर कार्यरत था। वह पिछले साढ़े तीन साल से यूनिवर्सिटी में कार्यरत था और कैंपस में ही रहता था। उसे 30 अक्तूबर को गिरफ्तार किया गया था और बाद में उसे फरीदाबाद की एक अदालत में पेश किया गया और उसे तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर जम्मू-कश्मीर ले जाया गया था। मुजम्मिल ने धौज में 1,200 रुपये महीने पर कमरा किराये पर ले रखा था।

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया, जब्त 2,900 किलो में से 360 किलो विस्फोटक और कुछ हथियार-गोला बारूद फरीदाबाद में डॉ. मुजम्मिल के किराये के मकान से जब्त किया गया। वहीं, 2,550 किलो अमोनियम नाइट्रेट फतेहपुर तागा गांव के एक कमरे से बरामद किया। मुजम्मिल ने दोनों जगह तीन महीने पहले ही किराये पर ली थीं। हालांकि, वह यहां रहता नहीं था। इसका इस्तेमाल केवल सामान रखने के लिए कर रहा था।

फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि मुजम्मिल के ठिकाने पर रविवार को छापा मारा गया। यहां से एक चाइनीज स्टार पिस्टल और गोलियां, एक बेरेटा पिस्टल और गोलियां, एक एके-56 राइफल, गोलियां, एक एके क्रिंकोव राइफल-गोलियां व विस्फोटक, केमिकल, रिएजेंट, ज्वलनशील पदार्थ, सर्किट, बैटरी, तार, रिमोट कंट्रोल, 20 टाइमर, एक वॉकी टॉकी सेट, दो खाली कारतूस और मेटल बरामद की गई है। मुजम्मिल फरीदाबाद में अल फलह यूनिवर्सिटी में शिक्षक है। वह श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के मामले में वांछित था।

और पढ़े  संविधान संशोधन बिल गिरने पर बोले राहुल गांधी-यह संविधान पर हमला था, जिसे हमने हरा दिया

खतरनाक मंसूबे नाकाम
आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ से सुरक्षा एजेंसियों ने पाकिस्तानी आतंकी गुट जैश व भारत में आईएस के आतंकी गुट अंसार गजवत-उल-हिंद के खतरनाक मंसूबों को नाकाम कर दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर, अनंतनाग, गांदरबल और शोपियां में कई जगह छापा मारा था।

बन सकती थीं सैकड़ों शक्तिशाली आईईडी…
जब्त अमोनियम नाइट्रेट से सैकड़ों की संख्या में बेहद शक्तिशाली (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) आईईडी बनाई जा सकती थीं। अमोनियम नाइट्रेट सफेद पाउडर जैसा केमिकल होता है। यह आमतौर पर खाद के तौर पर खुलेआम मिलता है और ज्यादा महंगा भी नहीं है। इसके साथ डेटोनेटर, बैटरी और टाइमर जोड़ने से यह घातक बम बन जाता है।

मौलवी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया
पुलिस ने आरोपी मुजम्मिल को कमरे किराये पर देने वाले इश्तियाक नाम के मौलवी को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इश्तियाक की पत्नी ने बताया कि पुलिस मेरे पति को ले गई है। वह पिछले 20 वर्षों से स्थानीय मस्जिद का इमाम है। अल फलह यूनिवर्सिटी के डॉक्टर, छात्र और स्टाफ रोजाना नमाज पढ़ने मस्जिद आते थे। इनमें मुजम्मिल भी शामिल था।

एकता यात्रा तो नहीं थी टारगेट… बड़ा नरसंहार था आतंकियों का मकसद
संदिग्ध आतंकी डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब ने पूछताछ में बताया कि पाकिस्तानी हैंडलर ने बातचीत के दौरान बताया कि इस बार धमाका ऐसा करना है कि सब दहल जाएं। इसमें मरने की वालों की संख्या हजारों में होनी चाहिए। अंदेशा जताया जा रहा है कि कहीं आतंकियों के निशाने पर सनातन हिंदू एकता यात्रा तो नहीं थी।

और पढ़े  केजरीवाल को कोर्ट से झटका- जस्टिस शर्मा ही करेंगी सुनवाई, खारिज हुआ आवेदन

आतंकी संगठन के इसी खतरनाक मंसूबे को अंजाम देने के लिए फरीदाबाद में 2900 किलो विस्फोटक सामग्री भेजी गई थी। सूत्रों की मानें तो ये यात्रा ही फरीदाबाद में अब एक बड़ा इवेंट थी जिसमें लगभग 40 हजार लोग एक समय में साथ चल रहे हैं। यात्रा टारगेट करने से पहले ही सामान छुपाने वाला संदिग्ध आतंकी मुसैब 30 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद ये विस्फोटक बरामद हुआ है।

संदिग्ध आतंकी डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब के पास से पुलिस को सिलिकन मास्क और विग भी मिले हैं। आधिकारिक सूत्रों सूत्रों की मानें तो आरोपी भेष बदलकर या खुद कोई वारदात करने वाला था या किसी अन्य आरोपी को उसे ये सामान मुहैया कराना था।


Spread the love
  • Related Posts

     सुप्रीम कोर्ट ने कहा- CM ममता बनर्जी के आचरण ने लोकतंत्र को खतरे में डाला

    Spread the love

    Spread the loveसुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के बीच जारी कानूनी जंग में बड़ी टिप्पणी की है। शीर्ष अदालत ने कहा कि…


    Spread the love

    आरबीआई ने लागू किए नए दिशा-निर्देश- ऑटो डेबिट नियम सख्त: ग्राहकों को अपने पैसे पर मिलेगा अधिक नियंत्रण

    Spread the love

    Spread the loveभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ई-मैंडेट से जुड़े नए दिशा-निर्देश मंगलवार से लागू कर दिए। नए नियमों के तहत, खाते से पैसा काटने (ऑटो डेबिट) से 24 घंटे…


    Spread the love