मोकामा विधानसभा में जनसुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी को समर्थन देने वाले दुलारचंद यादव की हत्या के बाद अब तक 80 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इसमें जनता दल यूनाईटेड के प्रत्याशी अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर, रंजीत राम समेत 80 लोग शामिल हैं। पटना पुलिस ने इस हत्याकांड में चार अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की है। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा का कहना है कि पुलिस टीम वैज्ञानिक अनुसंधान कर रही है। जिस किसी ने भी कानून तोड़ने की कोशिश की है, सब पर कार्रवाई की जा रही है। हत्याकांड में कुछ गवाह भी सामने आए हैं। दोनों ओर से प्राथमिकी की गई है। इस कांड में शामिल कई अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई है। कई संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। इंटरनेट पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है। उनपर भी कार्रवाई होगी। लोगों से अपील है कि वह अफवाहों पर ध्यान न दें।
इधर, इस मामले में दुलारचंद के पोते ने अनंत सिंह पर पिस्टल से गोली मारने और गाड़ी से कुचलवाने का आरोप लगाया था। लेकिन, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट हो चुका है कि गोली लगने से दुलारचंद यादव की मौत नहीं हुई और न ही वाहन चढ़ाने या सड़क हादसे के कोई साक्ष्य मिले। रिपोर्ट में कहा गया है कि दुलारचंद की कोहनी व उसके ऊपर की हड्डी व पसलियां टूटी हुई थीं। इसका कारण दोनों फेफड़े फट गए थे। छाती में खून जमा होने से हृदयगति रूक गई थी। वहीं जांच में लगाई गई सीआईडी की टीम पोस्टमार्टम रिपोर्ट, लोगों के बयान, वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्य के आधार पर जांच कर रही है।
पुलिस ने पूरे मोकामा विधानसभा में सुरक्षा कड़ी कर दी है
वहीं अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद उनके समर्थकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि अनंत सिंह जीत रहे हैं, इसलिए उन्हें फंसाया जा रहा है। वहीं मृत दुलारचंद यादव के परिजन अनंत सिंह को फांसी देने की मांग कर रहे हैं। इधर, पुलिस ने पूरे मोकामा विधानसभा में सुरक्षा कड़ी कर दी है। जगह-जगह पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात किए गए हैं।
अनंत सिंह बोले- यह सब सूरजभान सिंह की साजिश है
बता दें कि दुलारचंद यादव की हत्या मामले में जनता दल यूनाईटेड के प्रत्याशी बाहुबली अनंत सिंह समेत पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। मृत दुलारचंद यादव के पोते के लिए आवेदन पर अनंत सिंह, दो भतीजों रणवीर सिंह, कर्मवीर सिंह, करीबी छोटन सिंह और कंजय सिंह पर नामजद और कई अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया। इधर, अनंत सिंह ने कहा है कि उनके ऊपर लगाए गए सारे आरोप बेबुनियाद हैं। यह सब राष्ट्रीय जनता दल की प्रत्याशी वीणा देवी के पति सूरजभान सिंह की साजिश है। उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन, जनता सब जानती है।









