ऑपरेशन वर्सन में मिली सफलता: कुपवाड़ा में छुपाया गया भारी हथियारों का जखीरा बरामद, आतंकियों के मंसूबे फेल

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कुपवाड़ा जिले में सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऑपरेशन वर्सन के दौरान वन क्षेत्र से भारी मात्रा में हथियारों का ज़खीरा बरामद किया है। इसमें दो एके राइफलें, चार रॉकेट लॉन्चर, भारी मात्रा में गोला-बारूद और अन्य सामग्री शामिल हैं।

सुरक्षाबलों द्वारा इसे एक बड़ी कामयाबी बताया जा रहा है क्योंकि यह हथियार आतंकवादियों के हाथों में पहुंचने से पहले सुरक्षाबलों के हाथ लग गए। सूत्रों के अनुसार ओजीडब्ल्यू मॉड्यूल द्वारा यह हथियार यहां वन क्षेत्र में आतंकवादियों तक पहुंचाने के लिए छिपाए गए थे।
वहीं हथियारों की बरामदगी की पुष्टि करते हुए घाटी में सेना की कमान संभालने वाली चिनार कोर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा, विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने 8 अक्टूबर 25 को कुपवाड़ा के वर्सन स्थित ब्रिजथोर वन क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान शुरू किया।

बता दें कि इससे पहले भी ज़िले के क्रॉपोरा में सुरक्षाबलों ने एक ओजीडब्ल्यू शकील अहमद को गिरफ्तार किया गया था और उसकी निशानदेही पर ठिकाने से 1 पिस्तौल, 10 पिस्तौल राउंड, 100 एके राउंड और अन्य युद्ध सामग्री बरामद की गई थी। 

जम्मू संभाग में आतंकियों के खिलाफ तेज होगा अभियान
जम्मू संभाग के किश्तवाड़, उधमपुर और राजोरी जिले बढ़ती आतंकवाद घटनाएं और आगामी विधानसभा उप-चुनाव में सुरक्षा व्यवस्था सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती है। जम्मू-कश्मीर में एक साल बाद उपचुनाव हो रहे है। उप-चुनाव और बढ़ती आतंकी घटनाएं के बीच सुरक्षित माहौल बनाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती है।

जम्मू संभाग के तीन जिले बीते डेढ़ से दो साल से आतंकवाद से पीड़ित है। आए दिन आतंकी हमला करने के बाद गायब हो जाता है। पूरी सुरक्षा तंत्र उन्हें ढूंढने में लता है लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाता है। किश्तवाड़ के दच्छन, पाड्डर के के दुर्गम इलाके, उधमपुर में डुडु- बसंगतढ के पहाड़ी इलाके, सियोजधार सहित अन्य इलाकों में आतंकी लंबे समय से सक्रिय है। सुरक्षा एजेंसियों का ही दावा है कि आतंकी पारंपरिक गुफाओं का इस्तेमाल आशियाने9 के रूप में कर रहे है।

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इन सभी घटनाओं के बाद वीरवार को गृहमंत्री अमित शाह की जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर उच्च स्तरीय बैठक काफी अहम मानी जा रही है। ब्रिगेडियर विजय सागर (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह बैठक काफी अहम है। जम्मू संभाग में लगातार आतंकी हमले हो रहे है। सेना और पुलिस के बीच समन्वय और ज्यादा बढ़ाने की जरूरत है। आतंकी पारंपरिक रूट का इस्तेमाल कर रहे है। ऐसे बड़ी बैठकों मेंइस तरह के मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होती है, रणनीतियां बनाई जाती है।


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