पीलीभीत के गांव रसिया खानपुर में बुखार का कहर, अब तक 7 लोगों की मौत, 200 से अधिक बीमार

Spread the love

 

पीलीभीत के बीसलपुर तहसील के रसिया खानपुर गांव में बीते 24 घंटों में बुखार से तीन लोगों की मौत से गांव में हड़कंप मचा हुआ है। दो सौ से अधिक लोग बुखार से पीड़ित हैं, जिनका उपचार चल रहा है। लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। बच्चों को स्कूल भेजना भी बंद कर दिया गया है। लोगों का कहना है कि सिस्टम मौतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। इसका नतीजा गांव के लोग भुगत रहे हैं।

एसडीएम नागेंद्र पांडेय ने मंगलवार को दोपहर गांव रसिया खानपुर पहुंचकर स्थिति को परखा तो वहां स्वास्थ्य शिविर लगा हुआ नहीं मिला। इसपर उन्होंने नाराजगी जताई। कुछ देर बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने गांव में शिविर लगा दिया।
बाढ़ की चपेट में आया था गांव 
पिछले दिनों जिले में हुई भारी बारिश और नदियों का जलस्तर बढ़ने के बाद बीसलपुर तहसील क्षेत्र के कई गांवों भी बाढ़ की जद में आए थे। इसमें रसिया खानपुर गांव भी शामिल था। गांव में जलभराव की स्थिति बनी थी। बाढ़ के बाद जलभराव की स्थिति तो सामान्य हो गई, लेकिन संक्रमण तेजी के साथ पनपने लगा और बीमार फैल गई।

ग्रामीणों के अनुसार पिछले 10 दिनों में सैकड़ों लोग बुखार से ग्रस्त हो गए। स्थिति गंभीर होने पर बरेली और शाहजहांपुर में ले जाकर मरीजों को भर्ती कराया गया। गांव में झोलाछापों के क्लीनिक भी मरीजों से भरने लगे। ग्रामीणों के अनुसार यही वजह रही कि पिछले 10 दिनों में सात लोगों की मौत बुखार से हुई है।

और पढ़े  नीला रोबोट: मतदान केंद्र पर AI रोबोट से स्वागत, मतदाताओं के आकर्षण का केंद्र बनी नीला, जानिए खासियत

निजी अस्पतालों की जांच रिपोर्ट में भी बुखार की पुष्टि हुई लेकिन पूर्व में हुई चार मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की ओर से जांच के नाम पर बुखार की बात को नकारते हुए अलग-अलग बीमारियों से मौत होने का दावा किया गया। मंगलवार को गांव के अल्लू खान की पुत्री सकीना, 60 वर्षीय पूती बेगम व रेहान हुसैन (22) पुत्र एजाज हुसैन की बुखार से मौत हो गई। मंगलवार को ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग के विरोध में प्रदर्शन किया।

एसडीएम को निरीक्षण में नहीं लगा मिला स्वास्थ्य शिविर
गांव रसिया खानपुर में मंगलवार को तेज बुखार से तीन लोगों की मौत होने की जानकारी मिलने पर एसडीएम, कोतवाल संजीव शुक्ला के साथ गांव में पहुंचे। जहां मृतकों के घर जाकर अफसरों ने जानकारी की। घर वालों ने बताया कि उनके परिजनों की तेज बुखार से ही मौत हुई है।

इसके बाद एसडीएम स्वास्थ्य शिविर की स्थिति परखने को उच्च प्राथमिक विद्यालय गए, लेकिन मौके पर शिविर लगा हुआ नहीं मिला। इसपर उन्होंने नाराजगी जाहिर की तो दोपहर बाद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने आयुष्मान केंद्र में स्वास्थ्य शिविर लगाया।

आयुष्मान केंद्र के द्वार पर ग्रामीणों ने रोष जताया। लोगों का आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी जांच में रिपोर्ट नेगेटिव दिखा देते हैं। जबकि बरेली के निजी अस्पतालों में उन्हीं मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है। प्रदर्शनकारियों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति काफी रोष दिखा।

सीएमओ डॉ. आलोक कुमार शर्मा ने बताया कि रसिया खानपुर गांव में तीन और लोगों की मौत की सूचना मिली है। स्थलीय निरीक्षण कर जांच कराई जा रही है। स्वास्थ्य कैंप लगाकर भी लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं। जांच के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो सकेगी।

और पढ़े  Rally: बंगाल में PM ने दी 6 गारंटी, 'सबका साथ, सबका विकास और लुटेरों का हिसाब' होगा भाजपा का नया नारा

तीन हफ्ते पहले मौतों को गंभीरता से लेते तो नहीं जातीं और जानें
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने गांव रसिया खानपुर में तेज बुखार से पहले हुई मौतों को गंभीरता से लिया होता तो अब तीन और लोगों की जान नहीं जातीं। गांव रसिया खानपुर में करीब तीन सप्ताह पूर्व तेज बुखार फैला था। पिछले सप्ताह तेज बुखार से इस गांव में चार लोगों की मौत हो गई थी और करीब दो सौ लोग तेज बुखार की चपेट में आ गए थे।

Fever wreaks havoc in Pilibhit Rasiya Khanpur village seven people dead so far

मामला जानकारी में आने पर स्वास्थ्य विभाग ने अपने स्तर से बीमारी का उपचार शुरू कर दिया था। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने पहले हुईं मौतों को हल्केपन से लिया। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यदि पहले हुई ग्रामीणों की मौतों को गंभीरता से लिया होता और उसी हिसाब से बीमार लोगों का उपचार किया होता तो बाद वाली मौत नहीं होती।

ग्रामीणों ने जताया रोष 
मोहम्मद हुसैल ने बताया कि गांव में आने वाली बीसलपुर के स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से निष्क्रिय है। टीम की निष्क्रियता के कारण ही स्थिति बदतर हुई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के लोगों की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।

समीम खान ने कहा कि गांव के जितने बीमार हैं उनका घर-घर जाकर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा उपचार करना चाहिए। जब तक स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर अपने बीमारी का उपचार नहीं करेगी तब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाएगा।

इदरीश खान ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीम बीमारों का कायदे से उपचार करने के बजाय अपना बचाव करती है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के लापरवाही की वजह से स्थिति खराब हुई है।

और पढ़े  इलेक्ट्रिक वाहन- भारत में ईवी बिक्री 24.6% बढ़ी, बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों के बीच इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेज उछाल

Spread the love
  • Related Posts

    कार्बन कॉपी बन गई है टीएमसी: मुर्शिदाबाद में बरसे PM मोदी, कहा- घुसपैठियों की सरकार का अंत तय

    Spread the love

    Spread the loveप्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के जंगीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर हमला बोला है। पीएम मोदी ने साफ लफ्जों में कहा…


    Spread the love

    इस्‍लामाबाद पहुंचा अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल, बस कुछ देर में होगी US-ईरान की शांति वार्ता,जेडी वेंस कर रहे नेतृत्व

    Spread the love

    Spread the loveपश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस्लामाबाद में शांति वार्ता को लेकर नई हलचल देखने को मिल रही है। क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के प्रयासों के तहत…


    Spread the love