उत्तर बंगाल और सिक्किम में लगातार हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। दार्जिलिंग और कालिम्पोंग जिलों में पुल टूटने, भूस्खलन और बाढ़ से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि कई लोग लापता हैं। प्रशासन ने आशंका जताई है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस मूसलाधार बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और सिक्किम में हुआ है। बारिश के चलते मिरिक और सुकिया इलाके में कई जगह भूस्खलन हुआ है। दार्जिलिंग जिले के मिरिक में लैंडस्लाइड से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई है। सड़कों पर कई जगह मलबा जम गया है और यातायात पूरी तरह बाधित है। सिक्किम से संपर्क टूट गया है।
इस बीच, बंगाल पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘शनिवार रात हुई भारी बारिश के कारण दार्जिलिंग की कुछ सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ। सड़क साफ करने का काम चल रहा है और जल्द ही सामान्य यातायात बहाल होने की उम्मीद है। जो पर्यटक फंसे हुए हैं या जिन्हें सहायता की जरूरत है, वे दार्जिलिंग पुलिस नियंत्रण कक्ष से +91 91478 89078 पर संपर्क कर सकते हैं।
राजनैतिक दलों ने जताया दुख
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मिरिक, जोरबंगलो सुखियापोखरी और फालाकाटा सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे प्रभावितों की मदद में सक्रिय हों।
वहीं, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि लगातार बारिश से पहाड़ी इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है और सिलीगुड़ी, तराई और डुआर्स का संपर्क बाधित हो गया है। उन्होंने बताया कि बलासन नदी पर बना लोहे का पुल टूट गया, जिससे हजारों लोग फंसे हुए हैं। अधिकारी ने मुख्य सचिव से तत्काल राहत सामग्री पहुंचाने और संचार नेटवर्क बहाल करने की मांग की।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने मृतकों के प्रति शोक जताते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता प्रभावित लोगों की मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस त्रासदी से दुखी हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। दार्जिलिंग से बीजेपी सांसद राजू बिस्ता ने स्थानीय लोगों की एकजुटता की सराहना की और कहा कि आपदा के बीच भी सभी मिलकर पीड़ितों की मदद कर रहे हैं।
भारी बारिश के कारण बालासन नदी पर दूधिया स्थित लोहे का पुल बह गया, जिससे सिलीगुड़ी और मिरिक का संपर्क टूट गया। पुल के ध्वस्त होने से वाहन आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग दहशत में हैं। पुलिस मौके पर हालात पर नजर बनाए हुए है। नेशनल हाईवे 717ई पर पेडोंग और रिशिखोला के बीच भूस्खलन से सिलीगुड़ी और सिक्किम को जोड़ने वाला वैकल्पिक मार्ग बंद हो गया हैय़ इसके अलावा हुसैन खोला और एनएच-110 (कर्सियांग के पास) में भी भूस्खलन की खबर है। लगातार बारिश के कारण सड़क से मलबा हटाने का काम बेहद मुश्किल हो रहा है।
कालिम्पोंग में हालात गंभीर
कालिम्पोंग जिले में भी लगातार बारिश के चलते कई सड़कें बंद हो गई हैं और संचार सेवाएं बाधित हैं। लगातार भूस्खलन की वजह से प्रशासन अलर्ट पर है। वहीं जलपाईगुड़ी के कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। घर डूब गए हैं और लोग घुटने-भर पानी में फंसे हुए हैं।
जानकारी के मुताबिक भारी बारिश के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग 110 पर स्थित हुसैन खोला में भी भूस्खलन हुआ है, जिससे सिलीगुड़ी औरदार्जिलिंग के बीच का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। सड़कों पर कई जगह मलबा जम गया है और यातायात पूरी तरह बाधित है। प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को वैकल्पिक मार्ग से भेजने की व्यवस्था की है।
महानंदा नदी पर टूटा तटबंध
पश्चिम बंगाल के राजगंज प्रखंड के पोराझार में भारी बारिश के बाद भारी जलभराव हो गया है। कई घर और खेत जलमग्न हो गए हैं। महानंदा नदी पर बने तटबंध का एक हिस्सा अचानक टूट जाने से कई लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने पर मजबूर होना पड़ा है।
भारतीय मौसम विभाग ने दार्जिलिंग, कलिम्पोंग, कूचबिहार, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार में रेड अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाक के मुताबिक सोमवार सुबह तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश होने की संभावना है। दार्जिलिंग के साथ-साथ अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी जिलों में नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। विशेष रूप से तीस्ता और माल नदी के उफान ने मालबाज़ार और डुआर्स क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा कर दी है।







