गायक जुबीन गर्ग के निधन के बाद से ही उनकी मौत की जांच की जा रही है। इस मामले मे आए दिन बड़ी अपडेट आ रही है। अब एक जानकारी सामने आई है कि सिंगापुर पुलिस बल ने दिवंगत गायक की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उनके निधन से संबंधित प्रारंभिक निष्कर्षों की एक कॉपी भारतीय उच्चायोग को भेज दी है। बताया गया कि भारत की तरफ से इसकी मांग की गई थी। इसके अलावा सिंगापुर पुलिस ने जनता को सलाह दी कि वे गायक के सम्मान में, उनकी मृत्यु की परिस्थितियों से संबंधित कोई भी वीडियो या चित्र साझा न करें।
असम पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए NEIF के आयोजक श्यामकानु महंत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जांच राज्य सीआईडी, सीबीआई या एनआईए जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की मांग की है। इस याचिका में आरोप लगाया गया है कि श्यामकानु महंत जो जानबूझकर इस केस में फंसाया गया है। साथ ही याचिका में कहा गया है वह 19-21 सितंबर को सिंगापुर में होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव के आयोजन में व्यस्त थे और गर्ग की मृत्यु के समय घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे। गायक से महंत की आखिरी मुलाकात 17 सितंबर को हुई थी, जो घटना से दो दिन पहले थी।
पुलिस ने बताया कि शेखर ज्योति गोस्वामी और गायिका अमृतप्रभा महंत को कई दिनों की पूछताछ के बाद शाम को गिरफ्तार किया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। असम पुलिस की सीआईडी के विशेष डीजीपी मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने मीडिया को बताया कि उनसे पूछताछ जारी है। साथ ही असम की अदालत ने सिंगर की मौत के मामले में बैंड के सदस्यों शेखरज्योति और अमृतप्रभा महंत को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
जुबीन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते वक्त रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी। इस खबर ने सभी को चौंका दिया था।








