गुजरात पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने भारत के नागरिकों को 804 करोड़ रुपये का चूना लगाया। राज्य के गृह राज्यमंत्री हर्ष संघवी ने शनिवार को यह जानकारी दी। गिरोह के 10 आरोपियों को सूरत से गिरफ्तार किया गया। गिरोह ने दुबई, वियतनाम और कंबोडिया से ऑपरेशन किया और पूरे भारत में नागरिकों को निशाना बनाया।
सूरत से गिरफ्तार आरोपियों के पास से 65 मोबाइल फोन, 447 डेबिट कार्ड, 529 बैंक खाता किट, 686 सिम कार्ड और 16 पॉइंट ऑफ़ सेल (POS) मशीनें जब्त की गईं। हर्ष संघवी ने साइबर फ्रॉड पीड़ितों को 5.51 करोड़ रुपये लौटाए।
अनोखे मामले
वडोदरा के एक वरिष्ठ नागरिक को बड़े लाभ का वादा कर ठगा गया था, उसे 4.91 करोड़ रुपये वापस मिले। अहमदाबाद की एक महिला को ड्रग केस के डर से 12 दिन तक स्काइप के जरिए घर में रखा गया। 48 लाख रुपये जब्त कर वापस किए गए।
साइबर सुरक्षा चेतावनी
सभी नागरिकों से अपील की गई कि साइबर फ्रॉड के तुरंत बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। मंत्री ने कहा कि भारत में “डिजिटल अरेस्ट” का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है और किसी भी कॉल से डरना नहीं चाहिए। मंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि राज्य भर में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ गरबा का आयोजन किया जाएगा और सभी को इस पर गर्व के साथ नृत्य करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह पहल सुरक्षा और जागरूकता का प्रतीक होगी।







