राज्य सरकारें हों या फिर भारत सरकार, ये समय-समय पर जरूरत के हिसाब से कई नई योजनाओं की शुरूआत करते हैं। इन योजनाओं को शुरू करने का उद्धेश्य जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाना है। जैसे, आज यानी शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार ओडिशा दौरे पर हैं।
यहां से उन्होंने कई सौगात दी जिसमें से एक है देश को 4जी प्रणाली की सौगात देना। जी हां, आज पीएम नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी प्रणाली को लॉन्च कर दिया है। इससे बीएसएनएल उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा। तो चलिए जानते हैं किन मायनों में ये शुरुआत खास है।
97 हजार से अधिक टॉवर्स का उद्धाटन
- आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 4G नेटवर्क की सौगात दी और इसके लिए उन्होंने ओडिशा के झारसुगुड़ा से 97,500 से अधिक 4G मोबाइल टॉवर का उद्घाटन किया। दूरदराज क्षेत्रों में नेटवर्क पहुंचाने की परियोजना के तहत 14,180 मोबाइल 4जी टॉवर को डिजिटल भारत निधि के जरिए वित्त पोषित किया गया है।
कई मायनों में है खास:-
इन क्षेत्रों के लिए सबसे खास
- दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल के स्वदेशी 4जी नेटवर्क के शुरू होने से और इसके 97 हजार से भी अधिक टॉवर लगने से टॉवर सुदूर, सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 26,700 असंबद्ध गांवों को लाभ मिलेगा।
मिलेगा हाईस्पीड इंटरनेट
- सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी नेटवर्क की शुरुआत होने से देशभर में बीएसएनएल उपभोक्ताओं को हाईस्पीड इंटरनेट सेवा मिलने लगेगी।
बाजार में BSNL की वापसी
- अगर आप ये सोच रहे हैं कि आजकल तो लोग 5G नेटवर्क चलाते हैं तो फिर इस 4G लॉन्च में क्या है? तो जान लें कि प्राइवेट टेलिकॉम कंपनियों जैसे एयरटेल, जियो और वीआई से बीएसएनएल पिछड़ रही थी, लेकिन अब बीएसएनएल द्वारा इस तरह से स्वदेशी 4G नेटवर्क को लॉन्च करना उनकी बाज में वापसी करवा सकता है। यही नहीं, कंपनी ने इस बार पूरी तरह से इंडिजिनस टेक्नोलॉजी (इसका मतलब है कि रेडियो, टावर, सॉफ्टवेयर और नेटवर्स समेत बाकी इंफ्रास्ट्रक्चर को भारत में ही डिजाइन और तैयार किया गया) का इस्तेमाल किया यानी ये पूरी तरह से स्वदेशी है।
- दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल की स्वदेशी 4जी प्रणाली का लाभ इससे जुड़े ग्राहकों तो मिलेगा ही। साथ ही 20 लाख से अधिक नए ग्राहकों को भी ये सेवा प्रदान होगी। ऐसे में समझा जा सकता है कि ये 4जी टॉवर का उद्घाटन कितना खास है।
- दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस 4G नेटवर्क प्रणाली को लेकर जो जानकारी मीडिया को दी थी उसके मुताबिक, भारत विनिर्मित प्रणाली क्लाउड-आधारित, भविष्य के लिए तैयार है और इसे आसानी से 5जी में तब्दील किया जा सकता है। इसमें तेजस नेटवर्क की तरफ से विकसित रेडियो एक्सेस नेटवर्क यानी आरएएन शामिल है। यह सी-डीओटी द्वारा तैयार एक कोर नेटवर्क है और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज ने इसे एकीकृत किया है।









